देहरादून: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में बुधवार को सचिवालय में आयोजित कैबिनेट बैठक संपन्न हुई। इस बैठक में राज्य के विकास, पर्यावरण संरक्षण और युवाओं के लिए रोजगार के अवसर पैदा करने वाले 8 महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी गई है। इस कैबिनेट का सबसे बड़ा आकर्षण ‘उत्तराखण्ड ग्रीन हाइड्रोजन नीति-2026’ रही, जिसका उद्देश्य देवभूमि को स्वच्छ ऊर्जा का हब बनाना और कार्बन उत्सर्जन को कम करना है। सरकार के इन फैसलों से न केवल औद्योगिक निवेश बढ़ेगा, बल्कि राज्य की आर्थिकी को भी नई रफ्तार मिलेगी।
ग्रीन हाइड्रोजन नीति: प्रदूषण मुक्त भविष्य की ओर कदम
कैबिनेट ने पर्यावरण अनुकूल ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए नई ग्रीन हाइड्रोजन नीति को हरी झंडी दे दी है।
- निवेशकों को छूट: इस नीति के तहत राज्य में ग्रीन हाइड्रोजन प्लांट लगाने वाली कंपनियों को स्टाम्प ड्यूटी, बिजली शुल्क और पूंजीगत सब्सिडी में भारी रियायतें दी जाएंगी।
- लक्ष्य: सरकार का लक्ष्य है कि अगले पांच वर्षों में उत्तराखंड स्वच्छ ऊर्जा के उत्पादन में अग्रणी राज्य बने और ‘नेट जीरो’ उत्सर्जन के वैश्विक लक्ष्य में योगदान दे।
कैबिनेट बैठक के 8 प्रमुख फैसले
ग्रीन हाइड्रोजन के अलावा अन्य महत्वपूर्ण क्षेत्रों में भी बड़े निर्णय लिए गए हैं:
- शिक्षा क्षेत्र में सुधार: राज्य के सरकारी विद्यालयों में बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए विशेष फंड जारी करने पर सहमति बनी है। साथ ही, कुछ इंटर कॉलेजों में नए संकाय (Streams) खोलने की अनुमति दी गई है।
- पर्यटन को बढ़ावा: होमस्टे योजना के तहत दी जाने वाली सब्सिडी की प्रक्रिया को सरल बनाया गया है ताकि ग्रामीण क्षेत्रों में पर्यटन को और गति मिल सके।
- औद्योगिक विकास: सिडकुल (SIDCUL) क्षेत्रों में नए उद्योगों के लिए भूमि आवंटन की नीति में संशोधन किया गया है, जिससे ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ को बढ़ावा मिलेगा।
- परिवहन सेवा का विस्तार: दुर्गम पहाड़ी क्षेत्रों में रोडवेज बसों के फेरे बढ़ाने और पुरानी बसों को चरणबद्ध तरीके से बदलने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई है।
- खेल और युवा कल्याण: राज्य के उभरते खिलाड़ियों के लिए नई छात्रवृत्ति योजना और खेल सुविधाओं के विस्तार हेतु बजट का प्रावधान किया गया है।
- कृषि एवं बागवानी: बेमौसम बारिश से प्रभावित किसानों को मुआवजा देने और कोल्ड स्टोरेज चेन के विस्तार के प्रस्ताव पास हुए हैं।
- स्वास्थ्य सेवाएं: जिला अस्पतालों में टेली-मेडिसिन सेवाओं को और बेहतर बनाने और स्टाफ की कमी दूर करने के लिए विशेष भर्ती अभियान को हरी झंडी मिली है।
- नगरीय विकास: निकाय क्षेत्रों में जल निकासी और कूड़ा प्रबंधन के लिए आधुनिक तकनीक अपनाने के प्रोजेक्ट को मंजूरी दी गई।
रोजगार और विकास पर मुख्यमंत्री का जोर
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बैठक के बाद कहा कि सरकार का हर निर्णय प्रदेश के अंतिम छोर पर बैठे व्यक्ति तक लाभ पहुँचाने के लिए है। उन्होंने कहा कि ग्रीन हाइड्रोजन नीति से राज्य में हजारों नए तकनीकी रोजगार सृजित होंगे और उत्तराखंड देश के लिए एक आदर्श बनेगा।
सचिवालय में सुरक्षा और गोपनीयता
बैठक के दौरान सुरक्षा के कड़े प्रबंध रहे और सभी विभागों के सचिवों को निर्देश दिए गए कि कैबिनेट के फैसलों का क्रियान्वयन समयबद्ध तरीके से सुनिश्चित किया जाए।
“हमारी कैबिनेट ने आज उत्तराखंड के भविष्य को ध्यान में रखते हुए ऐतिहासिक निर्णय लिए हैं। ग्रीन हाइड्रोजन नीति न केवल निवेश लाएगी बल्कि हमारी आने वाली पीढ़ियों को एक स्वच्छ वातावरण भी देगी।” — पुष्कर सिंह धामी, मुख्यमंत्री





