देहरादून: उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में एलपीजी सिलेंडरों की किल्लत और बढ़ती शिकायतों के बीच जिला प्रशासन ने कड़ा रुख अख्तियार कर लिया है। जिलाधिकारी ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि गैस वितरण में किसी भी प्रकार की अनियमितता, जमाखोरी या कालाबाजारी पाए जाने पर संबंधितों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी और उन्हें सीधे जेल भेजा जाएगा। प्रशासन ने अब गैस एजेंसियों की निगरानी बढ़ा दी है ताकि संकट के इस समय में आम उपभोक्ताओं को परेशानी का सामना न करना पड़े।
घरेलू उपभोक्ता पहली प्राथमिकता: प्रशासन का कड़ा निर्देश
प्रशासन ने गैस एजेंसियों के लिए नए दिशा-निर्देश जारी किए हैं, जिनका उल्लंघन करने पर लाइसेंस रद्द करने तक की कार्रवाई हो सकती है:
- प्राथमिकता तय: वितरण प्रणाली में सबसे पहला हक घरेलू उपभोक्ताओं का होगा। कमर्शियल या अन्य उपयोगों के लिए गैस की आपूर्ति तभी होगी जब घरेलू मांग पूरी तरह संतुलित हो।
- सप्लाई चेन की निगरानी: प्रशासन यह सुनिश्चित कर रहा है कि गोदामों में सिलेंडरों का पर्याप्त स्टॉक रहे और एजेंसियां कृत्रिम किल्लत पैदा कर कीमतें न बढ़ाएं।
- सीधी जेल की चेतावनी: यदि कोई वेंडर या एजेंसी संचालक निर्धारित दर से अधिक वसूली करते या कालाबाजारी करते पकड़ा गया, तो उस पर आवश्यक वस्तु अधिनियम (Essential Commodities Act) के तहत मुकदमा दर्ज कर जेल भेजा जाएगा।
पारदर्शिता के लिए ‘OTP’ आधारित डिलीवरी अनिवार्य
वितरण प्रणाली में पारदर्शिता लाने और लीकेज रोकने के लिए प्रशासन ने तकनीक का सहारा लिया है:
- ओटीपी (OTP) प्रणाली: अब घरेलू गैस सिलेंडरों की होम डिलीवरी केवल ओटीपी आधारित प्रणाली के माध्यम से ही की जाएगी। जब तक उपभोक्ता अपने पंजीकृत मोबाइल पर आया कोड डिलीवरी मैन को नहीं देगा, तब तक डिलीवरी पूरी नहीं मानी जाएगी।
- अनियमितताओं पर लगाम: इस व्यवस्था से उन मामलों पर रोक लगेगी जहां घरेलू सिलेंडरों को रास्ते में ही कमर्शियल संस्थानों या होटल-ढाबों को बेच दिया जाता था।
- प्रभावी नियंत्रण: डिजिटल ट्रैकिंग के जरिए प्रशासन यह जान सकेगा कि किस उपभोक्ता को कब और कहाँ सिलेंडर डिलीवर हुआ है, जिससे डेटा में हेराफेरी की गुंजाइश खत्म हो जाएगी।
प्रशासन की रडार पर गैस एजेंसियां
जिला आपूर्ति विभाग की विशेष टीमों को एजेंसियों के औचक निरीक्षण के निर्देश दिए गए हैं। टीमें इस बात की जांच करेंगी कि क्या एजेंसियां उपभोक्ताओं की बुकिंग को प्राथमिकता दे रही हैं या बैकडोर से सिलेंडरों की सप्लाई की जा रही है।
शिकायत सेल: उपभोक्ताओं की सुविधा के लिए प्रशासन ने एक हेल्पलाइन नंबर भी जारी करने का निर्णय लिया है, जिस पर गैस न मिलने या अधिक पैसे मांगे जाने की शिकायत दर्ज की जा सकेगी।





