देवप्रयाग। उत्तराखंड में आपदा प्रभावित क्षेत्रों का हाल जानने पहुंचे सांसद अनिल बलूनी और विधायक विनोद कंडारी रविवार को एक बड़े हादसे से बाल-बाल बच गए। देवप्रयाग डिग्री कॉलेज के पास अचानक पहाड़ी दरकने से हुआ भूस्खलन उनके वाहन की चपेट में आ गया और मलबे में फंस गया। गनीमत रही कि इस हादसे में कोई भी घायल नहीं हुआ।
अचानक दरकी पहाड़ी, फंस गया वाहन
जानकारी के मुताबिक, सांसद बलूनी और विधायक कंडारी देवप्रयाग में अतिवृष्टि और भूस्खलन से हुए नुकसान का जायजा लेने जा रहे थे। जैसे ही उनका काफिला डिग्री कॉलेज के पास पहुंचा, पहाड़ी से अचानक भारी मलबा और पत्थर गिरने लगे। देखते ही देखते उनका वाहन मलबे में दबकर रुक गया। मौके पर मौजूद सुरक्षाकर्मियों और प्रशासनिक अधिकारियों ने तत्काल स्थिति संभाली और दोनों जनप्रतिनिधियों को सुरक्षित बाहर निकाला।
तहसीलदार की गाड़ी से पहुंचे देवप्रयाग
हादसे के बाद सांसद बलूनी तहसीलदार के वाहन से देवप्रयाग पहुंचे और वहां पूर्व निर्धारित सभी कार्यक्रमों में शामिल हुए। बाद में वे प्राइवेट वाहन से देहरादून के लिए रवाना हो गए। वहीं, उनके सरकारी वाहन को निकालने के लिए राष्ट्रीय राजमार्ग विभाग की ओर से जेसीबी मशीनों से मलबा हटाने का काम शुरू किया गया।
“उत्तराखंड गहरे घावों से गुजर रहा है” – बलूनी
इस घटना के बाद सांसद अनिल बलूनी ने कहा, “उत्तराखंड में इस वर्ष आई भीषण अतिवृष्टि और भूस्खलन ने इतने गहरे घाव दिए हैं, जिन्हें भरने में वर्षों लग सकते हैं। कल शाम आपदा प्रभावित क्षेत्र में भूस्खलन का भयावह दृश्य देखा। यह दृश्य स्वयं बता रहा है कि हमारा राज्य कितनी बड़ी प्राकृतिक आपदा से जूझ रहा है।”
उन्होंने आगे कहा कि “मैं बाबा केदारनाथ से सभी लोगों के सुरक्षित जीवन, अच्छे स्वास्थ्य और खुशहाली की प्रार्थना करता हूं। इस कठिन समय में जनता की सेवा में जुटे अधिकारियों, एनडीआरएफ-एसडीआरएफ के जवानों और सड़क से मलबा हटाने वाले कर्मचारियों का समर्पण सराहनीय है।”
आपदा की चपेट में उत्तराखंड
इस समय उत्तराखंड के कई पहाड़ी जनपदों में लगातार बारिश और भूस्खलन से हालात बिगड़े हुए हैं। जगह-जगह सड़कें बंद हैं और कई गांवों का संपर्क कट गया है। प्रशासन और राहत एजेंसियां लगातार बचाव और पुनर्निर्माण कार्य में जुटी हुई हैं।





