नई दिल्ली/भोपाल: कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राहुल गांधी ने मध्य प्रदेश के पार्टी सांसदों और विधायकों के साथ एक उच्च स्तरीय बैठक में राज्य की जनता से जुड़े बुनियादी मुद्दों पर सरकार को घेरने का आह्वान किया है। राहुल गांधी ने मध्य प्रदेश में दूषित पेयजल की गंभीर स्थिति पर चिंता व्यक्त करते हुए पार्टी नेताओं को स्पष्ट निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश के कई जिलों में जनता जहरीला और दूषित पानी पीने को मजबूर है, जिससे बीमारियां फैल रही हैं। राहुल गांधी ने रणनीति साझा करते हुए कहा, “मैं इस जनहित के मुद्दे को दिल्ली में संसद के भीतर उठाऊंगा, लेकिन आपकी जिम्मेदारी है कि आप मध्य प्रदेश विधानसभा में सरकार से जवाब मांगें और जनता की आवाज बनें।” उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं से इस मुद्दे को लेकर गांव-गांव जाकर आंदोलन करने को भी कहा है।
राहुल गांधी के संबोधन की मुख्य बातें
बैठक के दौरान राहुल गांधी ने ‘डबल इंजन’ सरकार पर निशाना साधते हुए पार्टी नेताओं को सक्रिय होने के निर्देश दिए:
- सदन में समन्वय: राहुल गांधी ने कहा कि जब वह संसद में केंद्र सरकार से जल जीवन मिशन की विफलताओं पर सवाल करेंगे, उसी समय राज्य के विधायकों को विधानसभा में धरातल की सच्चाई पेश करनी होगी।
- बीमारियों का खतरा: उन्होंने आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा कि मध्य प्रदेश के आदिवासी अंचलों और ग्रामीण क्षेत्रों में दूषित पानी के कारण बच्चों और बुजुर्गों के स्वास्थ्य पर बुरा असर पड़ रहा है, जिसे नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।
- जवाबदेही तय हो: राहुल गांधी ने कहा कि करोड़ों रुपये खर्च होने के बाद भी अगर लोगों को साफ पानी नहीं मिल रहा है, तो इसके लिए जिम्मेदार मंत्रियों और अधिकारियों की जवाबदेही तय होनी चाहिए।
मध्य प्रदेश कांग्रेस की तैयारी
राहुल गांधी के निर्देशों के बाद प्रदेश कांग्रेस कमेटी (PCC) ने अपनी रणनीति को अंतिम रूप देना शुरू कर दिया है:
- विधानसभा घेराव: आगामी सत्र में कांग्रेस विधायक दल दूषित पानी और जल जीवन मिशन में हुए कथित भ्रष्टाचार को लेकर स्थगन प्रस्ताव लाने की तैयारी कर रहा है।
- पानी का सैंपल टेस्ट: पार्टी ने तय किया है कि कार्यकर्ता विभिन्न जिलों से पानी के नमूने एकत्र करेंगे और उनकी लैब रिपोर्ट को सार्वजनिक कर सरकार की पोल खोलेंगे।
- जन जागरण यात्रा: प्रदेश के उन हिस्सों में पदयात्राएं निकाली जाएंगी जहाँ पानी की किल्लत सबसे अधिक है, ताकि सरकार पर दबाव बनाया जा सके।
भाजपा का पलटवार
राहुल गांधी के इस बयान पर मध्य प्रदेश की सत्ताधारी भाजपा ने भी तीखी प्रतिक्रिया दी है। सरकार के प्रवक्ताओं का कहना है कि कांग्रेस केवल राजनीति कर रही है, जबकि जल जीवन मिशन के तहत प्रदेश के लाखों घरों तक पाइप से पानी पहुँचाया जा चुका है। भाजपा ने आरोप लगाया कि कांग्रेस शासनकाल में पानी के लिए जो हाहाकार मचता था, उसे वर्तमान सरकार ने काफी हद तक सुधारा है।
साफ पानी का मुद्दा अब मध्य प्रदेश की राजनीति के केंद्र में आता दिख रहा है। राहुल गांधी द्वारा सांसदों और विधायकों को अलग-अलग जिम्मेदारी सौंपना यह दर्शाता है कि कांग्रेस अब स्थानीय मुद्दों को राष्ट्रीय स्तर पर जोड़कर चुनावी बढ़त बनाने की कोशिश में है। आने वाले विधानसभा सत्र में इस मुद्दे पर सदन के भीतर भारी हंगामा होने के आसार हैं।





