संयुक्त राष्ट्र – दुनिया में स्कूल जाने की उम्र की करीब 1.5 करोड़ लड़कियां आज भी प्राथमिक शिक्षा से वंचित हैं। यूएन वुमेन की ताज़ा रिपोर्ट के मुताबिक, सामाजिक व्यवस्था में गहरे जड़ जमाए लैंगिक भेदभाव के कारण लड़कियों और युवतियों के लिए शिक्षा तक समान पहुंच आज भी बड़ी चुनौती बनी हुई है।
हालांकि पिछले कुछ दशकों में प्राथमिक और माध्यमिक स्तर पर लैंगिक समानता में सुधार देखने को मिला है, लेकिन कई क्षेत्रों में असमानता का स्तर चिंताजनक है। कुछ जगहों पर तो स्कूल से वंचित लड़कियों का आंकड़ा 48.1% तक पहुंच चुका है।
रिपोर्ट के अनुसार, शिक्षा से दूर सिर्फ लड़कियां ही नहीं बल्कि 1 करोड़ लड़के भी हैं। फिर भी, अब पहले की तुलना में अधिक लड़कियां स्कूल जा रही हैं, जिससे कम उम्र में शादी, बेरोज़गारी और खराब स्वास्थ्य की संभावना घटती है।
अफगानिस्तान में हालात सबसे खराब हैं – यहां 78% युवा महिलाएं शिक्षा, रोजगार और प्रशिक्षण से दूर हैं, जो पुरुषों की तुलना में लगभग 4 गुना अधिक है। रिपोर्ट चेतावनी देती है कि 2026 तक समय से पहले मातृत्व के मामलों में 45% की वृद्धि और मातृ मृत्यु दर में 50% से अधिक बढ़ोतरी हो सकती है।
रिपोर्ट में कहा गया है, “लड़कियों और महिलाओं का जीवन के हर चरण में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पाने का समान अधिकार है।” अफगानिस्तान को सिर्फ माध्यमिक शिक्षा से वंचित करने की वजह से हर साल GDP में 2.5% का नुकसान झेलना पड़ सकता है।





