नई दिल्ली। भारतीय रेल अपनी तेज गति वाली ‘वंदे भारत’ ट्रेन का स्लीपर संस्करण शुरू करने की अंतिम तैयारियों में जुट गई है। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि वंदे भारत स्लीपर ट्रेन का पहला सेट ट्रायल पूरा कर चुका है और वर्तमान में कुछ अंतिम सुधारों के बाद दिसंबर से परिचालन के लिए तैयार हो जाएगा।
मंत्री के अनुसार ट्रेन में किए जा रहे तकनीकी सुधार मामूली बताए जा रहे हैं, लेकिन यात्रियों की सुरक्षा और आराम को ध्यान में रखते हुए इन्हें प्राथमिकता के आधार पर लागू किया जा रहा है। सिफारिशों के आधार पर सीट लेआउट, बोगी डिजाइन, अग्नि-प्रतिरोधी केबल, बेहतर आपातकालीन अलार्म व्यवस्था और अन्य सुरक्षा मानकों को उन्नत किया गया है।
रेल मंत्रालय की योजना पहली और दूसरी स्लीपर वंदे भारत ट्रेनों को एक साथ लॉन्च करने की है। दूसरे रैक का निर्माण तेज़ी से जारी है और उसके पूरा होते ही नियमित सेवा शुरू की जाएगी। हालांकि पहली ट्रेन के रूट पर अभी अंतिम निर्णय नहीं लिया गया है, लेकिन दिल्ली–पटना और दिल्ली–कोलकाता मार्ग संभावित विकल्पों में चर्चा में हैं।
रेल मंत्रालय ने दिसंबर 2025 तक नौ और वंदे भारत स्लीपर ट्रेन सेट के निर्माण का आदेश दिया है। भविष्य में 24-कोच वर्जन भी लाने की योजना है, जिसके लिए 50 रैक के प्रपल्शन सिस्टम का ऑर्डर पहले ही दिया जा चुका है। स्लीपर वंदे भारत ट्रेनों का उत्पादन और असेंबली मुख्य रूप से ICF चेन्नई द्वारा की जाएगी।
यह नया संस्करण लंबी दूरी की रात्रिकालीन यात्रा को अधिक तेज, आरामदायक और सुरक्षित बनाने के उद्देश्य से विकसित किया गया है। पारंपरिक स्लीपर ट्रेनों की तुलना में बेहतर बर्थ, कम शोर, उन्नत सुरक्षा और अधिक स्थिर गति इसके मुख्य आकर्षण होंगे। मंत्रालय का कहना है कि गुणवत्ता और सुरक्षा से समझौता किए बिना ही सेवा शुरू की जाएगी।





