नई दिल्ली। दिल्ली, गुजरात, महाराष्ट्र और राजस्थान समेत कई राज्यों में तेजी से बढ़ रहे साइबर फ्रॉड के नए तरीके ‘बॉस स्कैम’ को लेकर केंद्रीय गृह मंत्रालय ने देशभर में चेतावनी जारी की है। भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र (I4C) के अनुसार, साइबर अपराधी कंपनियों के अधिकारियों और वित्तीय पेशेवरों को निशाना बनाकर वाट्सऐप खातों पर कब्जा कर रहे हैं और इसके जरिए बड़े वित्तीय लेन-देन को अंजाम देने की कोशिश कर रहे हैं।
इस धोखाधड़ी में अपराधी वाट्सऐप, एसएमएस या ई-मेल के जरिये ऐसी फाइल भेजते हैं, जो देखने में सामान्य कारोबारी या सरकारी दस्तावेज जैसी लगती है। इनमें ‘Statement of Account.zip’, ‘RBI.zip’ और ‘MCA.zip’ जैसे नाम वाली कंप्रेस्ड फाइलें शामिल हैं। फाइल खोलने पर कंप्यूटर में मालवेयर सक्रिय हो सकता है और अपराधी पीड़ित के सक्रिय WhatsApp Web सत्र तक पहुंच हासिल कर सकते हैं।
वरिष्ठ अधिकारियों की पहचान का करते हैं इस्तेमाल
‘बॉस स्कैम’ में ठग कंपनी के सीईओ, निदेशक, सीएफओ या अन्य वरिष्ठ अधिकारी बनकर कर्मचारियों से संपर्क करते हैं। इसके बाद किसी जरूरी भुगतान या तत्काल वित्तीय हस्तांतरण के नाम पर रकम ट्रांसफर करने का दबाव बनाया जाता है। बाजार नियामक सेबी भी पहले कंपनियों को ऐसे मामलों को लेकर आगाह कर चुका है।
इन राज्यों में सामने आए मामले
I4C के मुताबिक एक जैसे तरीके से होने वाली धोखाधड़ी के मामले दिल्ली, गुजरात, महाराष्ट्र और राजस्थान समेत कई राज्यों से सामने आए हैं। गृह मंत्रालय ने कॉरपोरेट संस्थानों, चार्टर्ड अकाउंटेंट, कंपनी निदेशकों, मुख्य वित्तीय अधिकारियों और अन्य वित्तीय पेशेवरों को विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी है।
साइबर सुरक्षा विशेषज्ञों के अनुसार, अनजान कंप्रेस्ड फाइल खोलने से बचना, किसी वरिष्ठ अधिकारी के नाम से आए अचानक भुगतान अनुरोध की स्वतंत्र रूप से पुष्टि करना और संदिग्ध लिंक या दस्तावेज से दूरी बनाए रखना जरूरी है। बढ़ते मामलों को देखते हुए कंपनियों को कर्मचारियों के बीच साइबर सुरक्षा जागरूकता बढ़ाने पर भी जोर दिया गया है।





