इस्लामाबाद/काबुल: दक्षिण एशिया की भू-राजनीति में एक अत्यंत विनाशकारी मोड़ सामने आया है। अफगान तालिबान ने पाकिस्तान के भीतर घुसकर उसके सबसे सुरक्षित माने जाने वाले सैन्य केंद्रों पर भीषण हमले करने का दावा किया है। तालिबान के लड़ाकों द्वारा पाकिस्तानी सेना के मुख्यालय वाले शहर रावलपिंडी और बलूचिस्तान की राजधानी क्वेटा में स्थित सैन्य छावनियों (Cantts) को निशाना बनाने की खबरें हैं। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि तालिबान ने इन हमलों के लिए ‘एयरस्ट्राइक’ (हवाई हमले) का उपयोग करने का दावा किया है। यदि इस दावे की पुष्टि होती है, तो यह आधुनिक इतिहास में पहली बार होगा कि एक विद्रोही समूह ने किसी संप्रभु देश की सेना के खिलाफ हवाई शक्ति का उपयोग किया है।
हमले का स्वरूप: मिसाइल और आत्मघाती ड्रोन का कहर
सूत्रों और तालिबान समर्थित मीडिया चैनलों के अनुसार, यह ऑपरेशन अत्यंत सुनियोजित था:
- रावलपिंडी में धमाके: पाकिस्तान सेना के मुख्यालय (GHQ) के निकटवर्ती सैन्य प्रतिष्ठानों पर कई जोरदार धमाके सुने गए। अपुष्ट खबरों के अनुसार, तालिबान ने कम दूरी की मिसाइलों या उन्नत ‘लोइटरिंग म्यूनिशन’ (आत्मघाती ड्रोन) का इस्तेमाल किया है।
- क्वेटा में एयरबेस को निशाना: क्वेटा के सैन्य हवाई अड्डे और छावनी क्षेत्र में भीषण आग लगने की खबरें हैं। तालिबान का दावा है कि उन्होंने पाकिस्तानी वायुसेना के उन विमानों को नष्ट कर दिया है जो अफगानिस्तान सीमा पर बमबारी कर रहे थे।
- बड़ी संख्या में हताहत: इन हमलों में पाकिस्तानी सेना के कई अधिकारियों और जवानों के हारे जाने की आशंका जताई जा रही है, हालांकि पाकिस्तान सरकार ने अभी तक आधिकारिक आंकड़ों की पुष्टि नहीं की है।
तालिबान का बयान: “यह पाकिस्तान की आक्रामकता का जवाब है”
तालिबान के रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता ने इस ऑपरेशन को ‘फतेह-ए-हिंद’ (काल्पनिक नाम) या ‘प्रतिशोध अभियान’ करार दिया है:
- सीमा पार गोलाबारी का बदला: तालिबान ने कहा कि पाकिस्तान पिछले कई दिनों से अफगान सीमावर्ती प्रांतों (खोस्त और कुनार) में निर्दोष नागरिकों पर हवाई हमले कर रहा था, जिसका बदला लेना अनिवार्य था।
- सैन्य क्षमता का प्रदर्शन: इस हमले के जरिए तालिबान ने संदेश दिया है कि उनके पास अब न केवल जमीन पर लड़ने वाले लड़ाके हैं, बल्कि वे पाकिस्तान के गहरे इलाकों (Deep Assets) को भी निशाना बनाने की तकनीक रखते हैं।
पाकिस्तान में ‘इमरजेंसी’: मार्शल लॉ जैसी स्थिति
हमलों के तुरंत बाद पाकिस्तान के प्रमुख शहरों में अफरा-तफरी का माहौल है:
- इंटरनेट और संचार बंद: सुरक्षा कारणों से रावलपिंडी और इस्लामाबाद के कई हिस्सों में मोबाइल और इंटरनेट सेवाएं निलंबित कर दी गई हैं।
- हाई अलर्ट: राजधानी इस्लामाबाद को पूरी तरह सील कर दिया गया है। प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति की सुरक्षा बढ़ा दी गई है और कैबिनेट की आपात बैठक बुलाई गई है।
- एयरस्पेस बंद: पाकिस्तान ने अपने उत्तरी और पश्चिमी हवाई क्षेत्र (Airspace) को नागरिक उड़ानों के लिए अस्थायी रूप से बंद कर दिया है।





