Saturday, January 31, 2026

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दशक का सफर, सफलताओं के शिखर: ‘स्टार्टअप इंडिया’ के 10 साल पूरे; पीएम मोदी आज करेंगे भविष्य के ‘यूनिकॉर्न्स’ को संबोधित

नई दिल्ली: भारत को दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा स्टार्टअप हब बनाने वाली महत्वाकांक्षी योजना ‘स्टार्टअप इंडिया’ ने आज अपने सफल संचालन का एक दशक पूरा कर लिया है। 16 जनवरी 2016 को शुरू हुई इस पहल के 10 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में राजधानी दिल्ली में एक भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है, जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। पीएम मोदी इस दौरान देश भर के उभरते उद्यमियों (Entrepreneurs) से संवाद करेंगे और स्टार्टअप्स के लिए नए प्रोत्साहन पैकेजों व आगामी दशक के विजन डॉक्यूमेंट को साझा करेंगे।

10 वर्षों की बेमिसाल उपलब्धियां: शून्य से शिखर तक

पिछले एक दशक में स्टार्टअप इंडिया पहल ने देश की आर्थिकी की तस्वीर बदल दी है:

  • संख्या में भारी उछाल: साल 2016 में देश में स्टार्टअप्स की संख्या मात्र कुछ सौ में थी, जो आज बढ़कर 1.25 लाख से अधिक (मान्यता प्राप्त) हो गई है।
  • यूनिकॉर्न का दबदबा: भारत आज 110 से अधिक ‘यूनिकॉर्न्स’ (1 अरब डॉलर से अधिक वैल्यूएशन वाली कंपनियां) के साथ वैश्विक मंच पर मजबूती से खड़ा है।
  • रोजगार सृजन: इन स्टार्टअप्स ने प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से देश में 12 लाख से अधिक नौकरियों के अवसर पैदा किए हैं।

आज के कार्यक्रम के मुख्य आकर्षण

प्रधानमंत्री मोदी की उपस्थिति में आयोजित होने वाले इस कार्यक्रम में कई महत्वपूर्ण घोषणाएं अपेक्षित हैं:

  1. नेशनल स्टार्टअप अवॉर्ड्स: पीएम मोदी विभिन्न क्षेत्रों (जैसे फिनटेक, एग्रीटेक, हेल्थटेक) में नवाचार करने वाले बेहतरीन स्टार्टअप्स को ‘राष्ट्रीय स्टार्टअप पुरस्कार’ से सम्मानित करेंगे।
  2. टियर-2 और टियर-3 शहरों पर फोकस: चर्चा का मुख्य केंद्र छोटे शहरों के स्टार्टअप्स होंगे, क्योंकि वर्तमान में लगभग 48% मान्यता प्राप्त स्टार्टअप छोटे शहरों से उभर रहे हैं।
  3. फंड ऑफ फंड्स: स्टार्टअप्स के लिए फंडिंग की उपलब्धता को और सुगम बनाने के लिए ‘फंड ऑफ फंड्स फॉर स्टार्टअप्स’ (FFS) के अगले चरण की घोषणा की जा सकती है।

स्टार्टअप इंडिया ने कैसे बदली सोच?

इस पहल ने भारतीय युवाओं की मानसिकता में ‘Job Seeker’ (नौकरी मांगने वाला) से ‘Job Creator’ (नौकरी देने वाला) बनने का बड़ा बदलाव किया है:

  • सरकारी प्रक्रियाओं का सरलीकरण: सेल्फ-सर्टिफिकेशन, टैक्स में छूट और पेटेंट पंजीकरण में 80% तक की कटौती जैसे कदमों ने युवाओं का हौसला बढ़ाया है।
  • इनक्यूबेशन सेंटर: देश भर के शैक्षणिक संस्थानों में हजारों इनक्यूबेशन सेंटर स्थापित किए गए हैं, जहाँ आइडिया को बिजनेस में बदलने की ट्रेनिंग दी जाती है।
  • महिला उद्यमिता: ‘स्टार्टअप इंडिया’ के तहत कम से कम एक महिला निदेशक वाले स्टार्टअप्स की संख्या में भी रिकॉर्ड वृद्धि दर्ज की गई है।

 

विशेषज्ञों का मानना है कि ‘स्टार्टअप इंडिया’ केवल एक सरकारी योजना नहीं, बल्कि एक राष्ट्रीय आंदोलन बन चुका है। प्रधानमंत्री मोदी का आज का संबोधन ‘विकसित भारत 2047’ के लक्ष्य को प्राप्त करने में स्टार्टअप्स की भूमिका को और अधिक स्पष्ट करेगा। आज का दिन उन लाखों युवाओं के सपनों और उनके संघर्षों के उत्सव का दिन है, जिन्होंने अपने नवाचार से दुनिया को भारत की ताकत दिखाई है।

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