Thursday, February 19, 2026

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तबादला नीति पर सवाल: सचिवालय में अब तक नहीं हुए स्थानांतरण, अंतिम तिथि भी बीती

राज्य सचिवालय में वर्षों से एक ही पद पर जमे अधिकारी-कर्मचारियों के स्थानांतरण के लिए बनाई गई नई तबादला नीति की अंतिम तिथि 31 जुलाई को बीत गई, लेकिन कोई तबादला सूची जारी नहीं की गई। इससे न केवल सचिवालय प्रशासन की मंशा पर सवाल उठ रहे हैं, बल्कि हाल ही में लागू की गई इस नीति की पारदर्शिता और प्रभावशीलता पर भी प्रश्नचिह्न लग गया है।

सरकार द्वारा जारी सचिवालय स्थानांतरण नीति के अनुसार अनुभाग अधिकारी से लेकर संयुक्त सचिव और समीक्षा अधिकारी, सहायक समीक्षा अधिकारी, कंप्यूटर सहायक तक के वार्षिक स्थानांतरण 31 जुलाई तक किए जाने थे। नीति में यह भी स्पष्ट था कि तैनाती अवधि के निर्धारण के लिए हर साल एक अप्रैल को कटऑफ डेट माना जाएगा।

वर्षों से जमे अधिकारी, कई विभागों में कार्य असंतुलन

सूत्रों के अनुसार सचिवालय में कई अनुभागों में अधिकारी-कर्मचारी एक ही स्थान पर वर्षों से जमे हुए हैं, जिससे कार्य के बंटवारे में असंतुलन है। कुछ को अत्यधिक काम जबकि कुछ को अपेक्षाकृत कम कार्य मिल रहा है। कुछ अधिकारी सचिवों के करीबी माने जाते हैं, जिन्हें बार-बार एक ही विभाग में रखा जाता है।

नीति की प्रमुख बातें

  • एक अनुभाग या विभाग में दोबारा तैनाती कम से कम 5 वर्ष बाद ही संभव।
  • तबादला आदेश जारी होने के तीन दिन के भीतर कार्यभार ग्रहण करना अनिवार्य, चाहे प्रतिस्थानी मिले या नहीं।
  • कार्मिक की पूर्व तैनातियों का भी रखा जाएगा ध्यान।

2007 की नीति भी नहीं हो सकी थी प्रभावी

गौरतलब है कि 2007 में भी सचिवालय तबादला नीति लाई गई थी, लेकिन वह भी केवल कागजों तक सीमित रह गई थी। इस बार नई नीति से पारदर्शिता और संतुलन की उम्मीद की जा रही थी, लेकिन अब तक की निष्क्रियता से कर्मचारियों में निराशा है।

सचिवालय संघ के पूर्व अध्यक्ष ने उठाए सवाल

सचिवालय संघ के पूर्व अध्यक्ष दीपक जोशी ने कहा कि नीति बनाते समय कर्मचारी संगठनों से कोई संवाद नहीं किया गया। नीति में अधिकतम सेवा अवधि का तो उल्लेख है लेकिन न्यूनतम सेवा अवधि को लेकर कोई स्पष्टता नहीं है। उन्होंने मुख्य सचिव व सचिव, सचिवालय प्रशासन को इस विषय में पत्र भी भेजा है।

प्रशासन का पक्ष

दीपेंद्र चौधरी, सचिव, सचिवालय प्रशासन ने कहा,

“अभी तबादलों की कोई सूची जारी नहीं हुई है। जरूरत के अनुसार बाद में तबादले किए जा सकते हैं। तबादलों के समय सभी नियमों—एक ही जगह की तैनाती, तैनाती अवधि, आदि—का ध्यान रखा जाएगा।”

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