देहरादून, 29 जून। उत्तराखंड में तकनीकी शिक्षा विभाग के अंतर्गत प्रस्तावित करीब 500 पॉलीटेक्निक लेक्चरर पदों की भर्ती प्रक्रिया शैक्षिक योग्यता से जुड़े मानकों पर विवाद के चलते फिलहाल अटक गई है। चयन प्रक्रिया आगे बढ़ाने से पहले ही विभागीय स्तर पर नियमों और पात्रता शर्तों को लेकर असमंजस की स्थिति बन गई है।
सूत्रों के अनुसार भर्ती प्रक्रिया में शैक्षणिक योग्यता के निर्धारण को लेकर विभिन्न स्तरों पर आपत्तियां सामने आई हैं। विशेषकर यह मुद्दा चर्चा में है कि अभ्यर्थियों के लिए निर्धारित न्यूनतम योग्यता और संबंधित तकनीकी डिग्री की अनिवार्यता को किस तरह लागू किया जाए। इसी कारण चयन प्रक्रिया को आगे बढ़ाने में बाधा उत्पन्न हो रही है।
राज्य में लंबे समय से पॉलीटेक्निक संस्थानों में शिक्षकों के कई पद रिक्त हैं, जिससे तकनीकी शिक्षा की गुणवत्ता पर भी असर पड़ रहा है। ऐसे में 500 पदों की प्रस्तावित भर्ती को महत्वपूर्ण माना जा रहा था, लेकिन नियमों की स्पष्टता न होने के कारण प्रक्रिया फिलहाल ठप हो गई है।
जानकारों का कहना है कि भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता और मानकीकरण सुनिश्चित करने के लिए शैक्षिक योग्यता की शर्तों को स्पष्ट रूप से परिभाषित करना जरूरी है। वहीं कुछ विशेषज्ञों का मानना है कि अलग-अलग तकनीकी विषयों के अनुसार योग्यता मानकों में एकरूपता न होने से भी विवाद की स्थिति उत्पन्न हुई है।
विभागीय स्तर पर अब इस मामले में उच्चाधिकारियों से मार्गदर्शन लिए जाने की संभावना जताई जा रही है, जिसके बाद ही आगे की भर्ती प्रक्रिया पर कोई निर्णय लिया जाएगा।
गौरतलब है कि राज्य में तकनीकी शिक्षा संस्थानों को मजबूत करने और शिक्षकों की कमी दूर करने के उद्देश्य से यह भर्ती प्रस्तावित थी। लेकिन शैक्षिक योग्यता को लेकर फंसे पेंच ने पूरे चयन अभियान को फिलहाल अनिश्चितता में डाल दिया है।





