नई दिल्ली: सूचना एवं प्रसारण और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने डिजिटल मीडिया और कंटेंट इकोसिस्टम को लेकर एक महत्वपूर्ण संदेश दिया है। नई दिल्ली में आयोजित DNPA (डिजिटल न्यूज़ पब्लिशर्स एसोसिएशन) कॉन्क्लेव 2026 को संबोधित करते हुए उन्होंने स्पष्ट किया कि बड़ी टेक कंपनियों और डिजिटल प्लेटफॉर्म्स को न्यूज़ पब्लिशर्स व कंटेंट क्रिएटर्स के साथ राजस्व (रेवेन्यू) साझा करने के मामले में अधिक उदार और पारदर्शी होना चाहिए। केंद्रीय मंत्री ने जोर देकर कहा कि एक स्वस्थ लोकतंत्र और निष्पक्ष डिजिटल अर्थव्यवस्था के लिए यह जरूरी है कि जो लोग कंटेंट का निर्माण कर रहे हैं, उन्हें उनके परिश्रम का सही और वाजिब हिस्सा मिले।
राजस्व के बंटवारे पर ‘न्याय’ की मांग
अश्विनी वैष्णव ने अपने संबोधन में कंटेंट क्रिएटर्स और पब्लिशर्स के हितों की वकालत करते हुए कई महत्वपूर्ण बिंदु रखे:
- असमानता का खात्मा: उन्होंने कहा कि वर्तमान में डिजिटल विज्ञापन राजस्व का एक बड़ा हिस्सा प्लेटफॉर्म्स (जैसे सर्च इंजन और सोशल मीडिया) के पास चला जाता है, जबकि कंटेंट बनाने वाले पब्लिशर्स को बहुत कम हिस्सा मिलता है। इस “असंतुलन” को ठीक करने की जरूरत है।
- निष्पक्ष सौदेबाजी: मंत्री ने सुझाव दिया कि कंपनियों को पब्लिशर्स के साथ ‘न्यायसंगत’ तरीके से रेवेन्यू शेयरिंग मॉडल बनाना चाहिए ताकि रचनात्मक कार्य करने वालों का उत्साह बना रहे।
- वैश्विक रुझानों का हवाला: उन्होंने ऑस्ट्रेलिया और कनाडा जैसे देशों का उदाहरण दिया, जहाँ सरकारों ने टेक दिग्गजों और न्यूज़ पब्लिशर्स के बीच राजस्व साझा करने के लिए कड़े कानून बनाए हैं।
फेक न्यूज़ और एल्गोरिदम की पारदर्शिता
राजस्व के अलावा, अश्विनी वैष्णव ने डिजिटल जगत की अन्य चुनौतियों पर भी कड़ा रुख अपनाया:
- एल्गोरिदम की जवाबदेही: उन्होंने कहा कि डिजिटल प्लेटफॉर्म्स का एल्गोरिदम पारदर्शी होना चाहिए ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि वह किसी विशेष विचारधारा या भ्रामक खबरों को बढ़ावा नहीं दे रहा है।
- फेक न्यूज़ पर लगाम: मंत्री ने पब्लिशर्स से अपील की कि वे सूचनाओं की सत्यता पर ध्यान दें और टेक कंपनियों से आग्रह किया कि वे फर्जी खबरों के प्रसार को रोकने के लिए अपनी जिम्मेदारी निभाएं।
- सुरक्षित इंटरनेट: उन्होंने बताया कि सरकार नए डिजिटल इंडिया एक्ट के माध्यम से इंटरनेट को और अधिक सुरक्षित और जवाबदेह बनाने की दिशा में काम कर रही है।
भविष्य की ओर: ‘डिजिटल इंडिया’ का अगला चरण
अश्विनी वैष्णव ने इस बात पर जोर दिया कि भारत का डिजिटल मीडिया उद्योग तेजी से बढ़ रहा है और सरकार इसे हर संभव सहायता प्रदान करेगी:
- नवाचार को प्रोत्साहन: सरकार चाहती है कि भारतीय कंटेंट क्रिएटर्स वैश्विक स्तर पर अपनी पहचान बनाएं।
- नियामक ढांचा: उन्होंने संकेत दिया कि यदि कंपनियां स्वेच्छा से राजस्व साझा करने के निष्पक्ष तरीके नहीं अपनाती हैं, तो सरकार को पब्लिशर्स के हितों की रक्षा के लिए एक विनियामक ढांचा (Regulatory Framework) तैयार करने पर विचार करना पड़ सकता है।





