Saturday, January 31, 2026

Top 5 This Week

Related Posts

ट्रंप का बड़ा दावा: ‘परमाणु हमले की तैयारी में थे भारत-पाक, मैंने रुकवाया युद्ध’; 2025 के सीजफायर को बताया अपने कार्यकाल की ‘सबसे बड़ी जीत’

वाशिंगटन: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत और पाकिस्तान के बीच साल 2025 की शुरुआत में हुए संघर्ष विराम (Ceasefire) को लेकर एक चौंकाने वाला खुलासा किया है। एक चुनावी जनसभा को संबोधित करते हुए ट्रंप ने दावा किया कि उस दौरान दोनों पड़ोसी देश एक-दूसरे पर परमाणु हमला (Nuclear Attack) करने की दहलीज पर पहुँच चुके थे। ट्रंप ने कहा कि उन्होंने व्यक्तिगत रूप से दोनों देशों के शीर्ष नेतृत्व से बात की और उन्हें चेतावनी दी कि परमाणु युद्ध के परिणाम पूरी दुनिया के लिए विनाशकारी होंगे। राष्ट्रपति ने इस शांति समझौते को अपनी विदेश नीति की सबसे बड़ी सफलता और साल 2025 की ‘ग्लोबल जीत’ करार दिया है। व्हाइट हाउस के सूत्रों के अनुसार, ट्रंप प्रशासन इस समझौते को ‘ट्रंप डॉक्ट्रिन’ के एक सफल उदाहरण के रूप में पेश कर रहा है।

“वो परमाणु हमला करने वाले थे”: ट्रंप के संबोधन की मुख्य बातें

ट्रंप ने उस तनावपूर्ण माहौल का वर्णन करते हुए अपने संबोधन में कई गंभीर दावे किए:

  • युद्ध की कगार पर: ट्रंप ने कहा, “भारत और पाकिस्तान के बीच स्थिति इतनी बिगड़ गई थी कि वे मिसाइलों को दागने के लिए तैयार थे। यह कोई सामान्य सीमा विवाद नहीं था, बल्कि एक पूर्ण परमाणु युद्ध की आहट थी।”
  • फोन कॉल कूटनीति: राष्ट्रपति ने दावा किया कि उन्होंने आधी रात को दोनों देशों के प्रधानमंत्रियों को फोन किया और उन्हें कूटनीतिक समाधान के लिए मजबूर किया।
  • क्रेडिट की मांग: ट्रंप ने अपने समर्थकों से कहा कि यदि वह राष्ट्रपति न होते, तो आज दक्षिण एशिया का नक्शा कुछ और ही होता। उन्होंने जो बिडेन प्रशासन पर निशाना साधते हुए कहा कि उनके जाने के बाद दुनिया फिर से अस्थिर हो गई थी।

साल 2025 का वह ‘गुप्त’ सीजफायर क्या था?

ट्रंप जिस घटना का जिक्र कर रहे हैं, वह 2025 की शुरुआत में नियंत्रण रेखा (LoC) पर बढ़े तनाव से जुड़ी है:

  1. भारी गोलीबारी: उस समय LoC पर दशकों बाद सबसे भीषण गोलाबारी दर्ज की गई थी, जिसके बाद दोनों देशों ने अपनी सेनाओं को हाई-अलर्ट पर रख दिया था।
  2. अचानक शांति: बिना किसी पूर्व सूचना के, दोनों देशों के सैन्य संचालन महानिदेशकों (DGMO) ने एक संयुक्त बयान जारी कर शांति बहाली और 2003 के संघर्ष विराम समझौते को पूरी तरह लागू करने की घोषणा की थी।
  3. अमेरिकी मध्यस्थता की चर्चा: उस समय भी यह चर्चा उठी थी कि इस समझौते के पीछे वाशिंगटन का भारी दबाव था, लेकिन भारत ने हमेशा की तरह किसी भी ‘तीसरे पक्ष’ की मध्यस्थता से इनकार किया था।

भारत और पाकिस्तान की संभावित प्रतिक्रिया

ट्रंप के इस बयान पर अभी तक नई दिल्ली या इस्लामाबाद से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है, लेकिन विशेषज्ञों का मानना है:

  • भारत का स्टैंड: भारत हमेशा से यह कहता रहा है कि पाकिस्तान के साथ उसके सभी मुद्दे ‘द्विपक्षीय’ हैं और वह किसी भी तीसरे देश के हस्तक्षेप को स्वीकार नहीं करता। ट्रंप का यह दावा भारत के आधिकारिक स्टैंड के विपरीत है।
  • पाकिस्तान की स्थिति: पाकिस्तान अक्सर अंतरराष्ट्रीय मध्यस्थता की गुहार लगाता रहा है, ऐसे में वह ट्रंप के इस बयान का इस्तेमाल कश्मीर मुद्दे को फिर से उछालने के लिए कर सकता है।

निष्कर्ष: ट्रंप की ‘अतिशयोक्ति’ या छिपा हुआ सच?

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि डोनाल्ड ट्रंप अक्सर अपनी उपलब्धियों को बढ़ा-चढ़ाकर पेश करने के लिए जाने जाते हैं। हालाँकि, 2025 का सीजफायर निश्चित रूप से एक बड़ी कूटनीतिक घटना थी, लेकिन क्या वास्तव में परमाणु युद्ध की नौबत आ गई थी, यह अभी भी एक रहस्य बना हुआ है। ट्रंप के इस बयान ने दक्षिण एशिया में एक बार फिर रणनीतिक बहस छेड़ दी है कि क्या अमेरिका वास्तव में बंद कमरों में भारत और पाकिस्तान की सैन्य रणनीतियों को नियंत्रित कर रहा है।

Popular Articles