जोशीमठ (चमोली): सीमांत क्षेत्र और हिंदुओं की आस्था के प्रमुख केंद्र जोशीमठ में एक सार्वजनिक स्थल पर सामूहिक नमाज पढ़े जाने के बाद स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश व्याप्त है। बद्रीनाथ धाम के मुख्य पड़ाव माने जाने वाले इस शहर में हुई इस घटना ने सांप्रदायिक संवेदनशीलता को बढ़ा दिया है। स्थानीय व्यापारिक संगठनों और हिंदूवादी संगठनों ने इसे नई परंपरा शुरू करने की कोशिश बताते हुए प्रशासन से कड़ी कार्रवाई की मांग की है। स्थिति को भांपते हुए प्रशासन ने प्रभावित इलाकों में चौकसी बढ़ा दी है और शांति बनाए रखने की अपील की है।
क्या है पूरा मामला?
मिली जानकारी के अनुसार, घटना जोशीमठ के एक प्रमुख सार्वजनिक स्थल/मैदान की है:
- सामूहिक नमाज: आरोप है कि बाहरी क्षेत्रों से आए कुछ श्रमिकों और व्यक्तियों ने बिना प्रशासनिक अनुमति के एक सार्वजनिक स्थान पर इकट्ठा होकर नमाज अदा की।
- सोशल मीडिया पर वायरल: घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर प्रसारित होने के बाद स्थानीय लोगों को इसकी जानकारी हुई, जिसके बाद लोग सड़कों पर उतर आए और नारेबाजी शुरू कर दी।
स्थानीय लोगों और संगठनों का विरोध
जोशीमठ के निवासियों और विभिन्न संगठनों ने इस मामले में कड़ा रुख अपनाया है:
- ‘नई परंपरा’ पर आपत्ति: स्थानीय लोगों का तर्क है कि जोशीमठ एक संवेदनशील सीमांत कस्बा और धार्मिक रूप से पवित्र स्थान है। यहां पहले कभी सार्वजनिक स्थलों पर इस तरह की गतिविधियां नहीं हुई हैं।
- व्यापार मंडल की चेतावनी: स्थानीय व्यापार मंडल ने चेतावनी दी है कि यदि सार्वजनिक स्थलों का उपयोग धार्मिक गतिविधियों के लिए किया गया, तो वे उग्र आंदोलन को बाध्य होंगे।
- सत्यापन की मांग: प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन से मांग की है कि शहर में काम कर रहे बाहरी मजदूरों और संदिग्ध व्यक्तियों का तत्काल सत्यापन (Verification) किया जाए।
प्रशासन और पुलिस की कार्रवाई
विवाद बढ़ने के बाद पुलिस और जिला प्रशासन ने तुरंत मोर्चा संभाला:
- शांति समिति की बैठक: पुलिस ने दोनों पक्षों और स्थानीय संभ्रांत नागरिकों के साथ बैठक की है ताकि किसी भी तरह की अफवाह को फैलने से रोका जा सके।
- कानूनी चेतावनी: पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि बिना अनुमति के सार्वजनिक स्थानों पर किसी भी प्रकार के धार्मिक आयोजन की अनुमति नहीं दी जाएगी। नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सुसंगत धाराओं में मुकदमा दर्ज किया जाएगा।
- सतर्कता: शहर के मुख्य चौराहों और संवेदनशील स्थानों पर पुलिस की गश्त बढ़ा दी गई है ताकि कोई अप्रिय घटना न हो।





