जम्मू, ब्यूरो। जम्मू-कश्मीर के पांच पर्वतीय जिलों—राजौरी, पुंछ, रियासी, किश्तवाड़ और कठुआ—में आतंकियों के खिलाफ सुरक्षा बलों ने बड़ा अभियान छेड़ दिया है। हालिया पहलगाम हमले के बाद सुरक्षाबल ऑपरेशन ऑलआउट मोड में हैं और माना जा रहा है कि हमले के गुनहगार अभी भी इन्हीं क्षेत्रों में छिपे हो सकते हैं।
सूत्रों के अनुसार, इन इलाकों में करीब 60 आतंकी सक्रिय हैं, जिनमें से 20–25 आतंकियों की मौजूदगी राजौरी-पुंछ, किश्तवाड़, डोडा और उधमपुर क्षेत्रों में बताई जा रही है। इन आतंकियों में 80 प्रतिशत पाकिस्तानी बताए जा रहे हैं, जो तीन से पांच के समूह में प्राकृतिक गुफाओं या दुर्गम क्षेत्रों में छिपे हुए हैं।
हर चप्पे पर नजर, पीर पंजाल में सख्त निगरानी
सुरक्षा बलों ने ड्रोन, खोजी श्वान और नाइट विजन उपकरणों की मदद से पहाड़ी इलाकों में गश्त और तलाशी अभियान तेज कर दिए हैं। पीर पंजाल पर्वत श्रृंखला के दर्रों, जंगलों और संकरी पगडंडियों की कड़ी निगरानी की जा रही है, ताकि आतंकी घाटी की ओर न बढ़ सकें।
पिछले एक महीने में किश्तवाड़, भद्रवाह, उधमपुर और कठुआ में कई मुठभेड़ें हो चुकी हैं। छात्रू क्षेत्र में हाल ही में सुरक्षाबलों ने आतंकियों को घेर लिया था, जिनमें से कुछ ग्रेनेड फेंककर और गोलीबारी करते हुए भाग निकले। वहीं बसंतगढ़ (उधमपुर) में एक पाकिस्तानी आतंकी मौलवी को मार गिराया गया।
सुरक्षा बलों का शिकंजा कसता जा रहा है
अधिकारियों के अनुसार, आतंकियों की लोकेशन ट्रैक की जा रही है और रणनीतिक तरीके से अभियान चलाए जा रहे हैं। इससे आतंकियों के लिए ठिकाने बदलना या हमला करना मुश्किल होता जा रहा है। एलओसी और अंतरराष्ट्रीय सीमा पर भी निगरानी बढ़ा दी गई है, ताकि नए आतंकियों की घुसपैठ रोकी जा सके।
सुरक्षा एजेंसियों की व्यापक रणनीति का असर अब ज़मीन पर साफ दिख रहा है—पहाड़ी इलाकों में आतंकी गतिविधियां सीमित हो गई हैं और आतंकियों का दबाव में आना तय है।
जम्मू संभाग में ऑपरेशन ऑलआउट तेज, 60 आतंकी एक्टिव – पहलगाम हमले के गुनहगार भी निशाने पर





