Saturday, February 7, 2026

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जम्मू-कश्मीर बजट 2026-27: ‘खेती से खुशहाली’ का नया रोडमैप; गुणवत्ता और आय-केंद्रित कृषि पर जोर, जेकेपीआईसीसीए (JKPICCA) ने सराहा

श्रीनगर/जम्मू: जम्मू-कश्मीर के आगामी बजट 2026-27 ने केंद्र शासित प्रदेश के कृषि परिदृश्य में एक नए युग की आहट दी है। सरकार ने इस बार पारंपरिक खेती से आगे बढ़कर ‘गुणवत्तापूर्ण और आय-केंद्रित कृषि’ (Quality and Income-Centric Agriculture) को अपनी प्राथमिकता घोषित किया है। बजट के इन प्रावधानों का स्वागत करते हुए जम्मू-कश्मीर प्रोग्रेसिव इनक्यूबेशन एंड कैपेसिटी बिल्डिंग सेंटर एसोसिएशन (JKPICCA) ने सरकार की जमकर सराहना की है। संगठन का मानना है कि यह बजट न केवल किसानों की आय दोगुनी करने में सहायक होगा, बल्कि घाटी के उत्पादों को वैश्विक बाजारों में एक विशिष्ट पहचान भी दिलाएगा।

बजट की मुख्य विशेषताएं: क्या है सरकार का विजन?

बजट 2026-27 में कृषि और संबद्ध क्षेत्रों के लिए कई दूरगामी घोषणाएं की गई हैं, जो सीधे तौर पर किसानों की जेब और उत्पाद की गुणवत्ता को प्रभावित करेंगी:

  • तकनीक आधारित खेती (Smart Farming): सरकार ने कृषि क्षेत्र में आधुनिक तकनीकों, जैसे ड्रोन छिड़काव, एआई-आधारित मृदा परीक्षण और स्मार्ट सिंचाई प्रणालियों के लिए बड़ा बजटीय आवंटन किया है।
  • कोल्ड स्टोरेज और वैल्यू एडिशन: सेब, केसर और अखरोट जैसे उत्पादों के लिए स्थानीय स्तर पर कोल्ड स्टोरेज चेन और प्रसंस्करण इकाइयों (Processing Units) की स्थापना पर जोर दिया गया है, ताकि कटाई के बाद होने वाले नुकसान को कम किया जा सके।
  • ऑर्गेनिक ब्रांडिंग: जम्मू-कश्मीर के प्राकृतिक और जैविक उत्पादों की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ‘जीआई टैगिंग’ (GI Tagging) और ब्रांडिंग के लिए विशेष फंड का प्रावधान किया गया है।

जेकेपीआईसीसीए (JKPICCA) ने क्यों की सराहना?

JKPICCA के प्रतिनिधियों ने बजट का विश्लेषण करते हुए इसे ‘भविष्योन्मुखी’ करार दिया है। संगठन के अनुसार, बजट के निम्नलिखित बिंदु गेम-चेंजर साबित होंगे:

  1. युवाओं का रुझान: कृषि को एक ‘व्यवसाय’ (Agri-Business) के रूप में पेश करने से घाटी के शिक्षित युवा स्टार्टअप्स की ओर आकर्षित होंगे।
  2. क्षमता निर्माण (Capacity Building): किसानों के प्रशिक्षण और स्किल डेवलपमेंट के लिए रखे गए फंड से वे नई वैश्विक चुनौतियों का सामना करने के लिए तैयार होंगे।
  3. बाजार लिंकेज: सरकार ने न केवल उत्पादन बढ़ाने बल्कि ‘खेत से बाजार’ (Farm to Market) तक की पहुंच को सुगम बनाने के लिए लॉजिस्टिक्स पर ध्यान केंद्रित किया है।

कृषि अर्थव्यवस्था को मिलेगा नया आयाम

विशेषज्ञों का कहना है कि जम्मू-कश्मीर की अर्थव्यवस्था का एक बड़ा हिस्सा कृषि पर निर्भर है। गुणवत्ता पर ध्यान देने से यहाँ के फल और औषधीय पौधे अब उच्च दामों पर बिकेंगे। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में गरीबी उन्मूलन और रोजगार सृजन को भारी मजबूती मिलेगी।

“यह बजट केवल सरकारी आंकड़ों का संकलन नहीं है, बल्कि यह जम्मू-कश्मीर के किसान को आत्मनिर्भर बनाने का संकल्प है। गुणवत्ता और तकनीक का यह संगम हमारे कृषि उत्पादों को वैश्विक मंच पर प्रतिस्पर्धी बनाएगा।” — अध्यक्ष, जेकेपीआईसीसीए

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