नई दिल्ली। प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं और पेपर लीक के मुद्दे को लेकर दिल्ली के जंतर-मंतर पर जारी छात्र प्रदर्शन के बीच केंद्र सरकार ने बातचीत की पहल की है। सरकार ने प्रदर्शनकारियों के प्रतिनिधियों से संवाद के लिए तैयार होने की बात कही है और आंदोलन खत्म कर सामान्य स्थिति बहाल करने की अपील की है।
प्रदर्शनकारी संगठन सीजेपी (Cockroach Janta Party) ने भी बातचीत के लिए अपनी सहमति जताई है, हालांकि उसने मांग रखी है कि वार्ता जंतर-मंतर या किसी तटस्थ स्थान पर होनी चाहिए। संगठन का कहना है कि सरकार यदि छात्रों की समस्याएं सुनना चाहती है तो बातचीत खुले माहौल में होनी चाहिए।
सरकार की ओर से केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने सीजेपी प्रतिनिधियों से मुलाकात की थी। बैठक में प्रदर्शनकारियों ने अपनी मांगों से जुड़ा ज्ञापन सौंपा। सरकार ने बातचीत को सकारात्मक बताया और प्रदर्शनकारियों से धरना समाप्त करने की अपील की।
वहीं, जंतर-मंतर पर छात्रों का प्रदर्शन लगातार जारी है। प्रदर्शनकारी नीट परीक्षा में कथित गड़बड़ियों, परीक्षा प्रणाली में सुधार और जिम्मेदारी तय करने की मांग कर रहे हैं। आंदोलन के दौरान सुरक्षा व्यवस्था भी कड़ी कर दी गई है।
प्रदर्शनकारियों और सरकार के बीच बातचीत को लेकर अभी अंतिम सहमति नहीं बन पाई है। सीजेपी प्रतिनिधियों का कहना है कि वे संवाद के लिए तैयार हैं, लेकिन बातचीत का स्थान और एजेंडा स्पष्ट होना चाहिए। दूसरी ओर, सरकार का कहना है कि छात्रों के भविष्य से जुड़े मुद्दों का समाधान बातचीत के माध्यम से निकाला जाना चाहिए।
पेपर लीक और परीक्षा व्यवस्था को लेकर चल रहा यह विवाद अब राजनीतिक मुद्दा भी बन चुका है। विपक्षी दल सरकार पर सवाल उठा रहे हैं, जबकि केंद्र का कहना है कि दोषियों के खिलाफ कार्रवाई और परीक्षा प्रणाली को मजबूत करने के लिए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।
फिलहाल जंतर-मंतर पर प्रदर्शन जारी है और सभी की नजर सरकार व प्रदर्शनकारियों के बीच होने वाली अगली बातचीत पर है।





