Saturday, January 31, 2026

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चिली में ‘अग्नि तांडव’: जंगलों की आग ने निगल ली 18 जिंदगियां, 20 हजार लोग हुए बेघर; राष्ट्रपति ने घोषित किया ‘राष्ट्रीय आपातकाल’

सैंटियागो: दक्षिण अमेरिकी देश चिली के जंगलों में लगी भीषण आग (Wildfire) ने तबाही मचा दी है। आग की लपटें बेकाबू होकर रिहायशी बस्तियों तक पहुँच गई हैं, जिसकी चपेट में आने से अब तक 18 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है। विनाश का आलम यह है कि करीब 20 हजार लोग बेघर हो गए हैं और हजारों इमारतें राख के ढेर में तब्दील हो चुकी हैं। हालात की गंभीरता को देखते हुए चिली के राष्ट्रपति ने प्रभावित क्षेत्रों में ‘राष्ट्रीय आपातकाल’ (State of Emergency) घोषित कर दिया है। सेना को राहत और बचाव कार्य में झोंक दिया गया है, लेकिन तेज हवाओं और भीषण गर्मी के कारण आग पर काबू पाना नामुमकिन साबित हो रहा है।

तबाही का मंजर: राख में तब्दील हुए शहर

चिली के तटीय पर्यटन शहरों और ग्रामीण इलाकों में आग ने सबसे ज्यादा विनाश किया है:

  • जलकर खाक हुए घर: आग इतनी तेजी से फैली कि लोगों को अपनी जान बचाने के लिए घर छोड़कर भागने का समय तक नहीं मिला। मध्य चिली के वालपराइसो (Valparaiso) क्षेत्र में सबसे अधिक नुकसान की खबरें हैं।
  • सम्पर्क टूटा: आग के कारण संचार व्यवस्था, बिजली की लाइनें और मुख्य सड़कें पूरी तरह ठप हो गई हैं, जिससे कई इलाके दुनिया से कट गए हैं।
  • आसमान में धुएं का गुबार: धुएं के कारण वायु गुणवत्ता बेहद खराब हो गई है, जिससे सांस लेने में दिक्कत हो रही है और बचाव कार्य के लिए हेलीकॉप्टरों को उड़ाने में भी बाधा आ रही है।

आग लगने और फैलने के मुख्य कारण

वैज्ञानिकों और स्थानीय प्रशासन ने इस आपदा के पीछे ‘अल नीनो’ और जलवायु परिवर्तन को जिम्मेदार ठहराया है:

  1. भीषण हीटवेव: चिली इस समय रिकॉर्ड तोड़ गर्मी (Heatwave) का सामना कर रहा है, जहाँ तापमान 40 डिग्री सेल्सियस को पार कर गया है।
  2. तेज हवाएं: दक्षिण से चलने वाली शुष्क और तेज हवाओं ने आग की लपटों को जंगलों से निकालकर शहरों की ओर धकेल दिया।
  3. सूखा: लंबे समय से बारिश न होने के कारण वनस्पति पूरी तरह शुष्क हो चुकी है, जो बारूद की तरह काम कर रही है।

सरकार की कार्रवाई और अंतरराष्ट्रीय मदद

राष्ट्रपति गेब्रियल बोरिक ने देश को संबोधित करते हुए इसे “अभूतपूर्व त्रासदी” करार दिया है:

  • सेना का हस्तक्षेप: हजारों अग्निशमन कर्मियों (Firefighters) के साथ अब सेना के जवानों को भी आग बुझाने और लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुँचाने के काम में लगा दिया गया है।
  • आश्रय स्थल: बेघर हुए 20 हजार लोगों के लिए स्कूलों और सार्वजनिक भवनों को अस्थाई शेल्टर होम में बदल दिया गया है।
  • वैश्विक अपील: चिली ने पड़ोसी देशों और अंतरराष्ट्रीय समुदाय से हवाई सहायता और तकनीकी उपकरणों की मांग की है ताकि आग को आगे बढ़ने से रोका जा सके।

 

चिली की यह आग एक बार फिर दुनिया को चेतावनी दे रही है कि वैश्विक तापमान में बढ़ोतरी किस तरह मानव जीवन के लिए खतरा बन गई है। 18 लोगों की मौत और हजारों का विस्थापन केवल एक सांख्यिकी नहीं, बल्कि एक मानवीय त्रासदी है। प्रशासन के लिए सबसे बड़ी चुनौती अब उन लोगों तक पहुँचना है जो अभी भी प्रभावित क्षेत्रों में फंसे हुए हैं और आग बुझने के बाद पुनर्निर्माण की प्रक्रिया शुरू करना है।

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