रुद्रप्रयाग/देहरादून: विश्व प्रसिद्ध चारधाम यात्रा के आगामी 19 अप्रैल से विधिवत शुभारंभ को देखते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कमान स्वयं संभाल ली है। श्री केदारनाथ धाम के कपाट 22 अप्रैल को खुलने की तैयारियों के बीच, मुख्यमंत्री ने गुरुवार को रुद्रप्रयाग जिले में ‘ग्राउंड जीरो’ पर पहुँचकर यात्रा मार्ग का सघन निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों को दो टूक निर्देश दिए कि यात्रा शुरू होने से पूर्व सभी तैयारियां पूर्ण कर ली जाएं ताकि श्रद्धालुओं को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो।
रुद्रप्रयाग से गुप्तकाशी तक स्थलीय निरीक्षण
मुख्यमंत्री धामी ने सड़क मार्ग से रुद्रप्रयाग से गुप्तकाशी तक का सफर तय करते हुए व्यवस्थाओं की बारीकी से जांच की। निरीक्षण के दौरान उनके मुख्य पड़ाव निम्नलिखित रहे:
- संवेदनशील क्षेत्रों की समीक्षा: मुख्यमंत्री ने बांसवाड़ा और कुंड-काकड़ागाड़ जैसे भूस्खलन की दृष्टि से संवेदनशील क्षेत्रों का विशेष निरीक्षण किया और वहां सुरक्षा पुख्ता करने के निर्देश दिए।
- निर्माण कार्यों का जायजा: उन्होंने जवाड़ी बाइपास, निर्माणाधीन सुरंग और तिलवाड़ा में हाल ही में हटाए गए अतिक्रमण के बाद की स्थिति का जायजा लिया।
- अंतिम समय की तैयारी: सीएम ने सड़कों के पेचवर्क, झाड़ी कटान, साइनेज लगाने और क्रैश बैरियर की मरम्मत जैसे कार्यों की प्रगति की समीक्षा की और इन्हें तत्काल पूरा करने के आदेश दिए।
‘प्लास्टिक मुक्त’ यात्रा और सौम्य व्यवहार का संकल्प
मुख्यमंत्री ने इस वर्ष की यात्रा के लिए दो मुख्य प्राथमिकताएं तय की हैं:
- पर्यावरण संरक्षण: उन्होंने अधिकारियों को पूरी यात्रा को ‘प्लास्टिक मुक्त’ बनाने की दिशा में कड़े कदम उठाने और कूड़ा प्रबंधन की बेहतर व्यवस्था करने पर विशेष बल दिया।
- श्रद्धालुओं का स्वागत: सीएम धामी ने पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों को निर्देश दिए कि यात्रा मार्ग पर आने वाले तीर्थयात्रियों के साथ सौम्य, मर्यादित और मानवीय व्यवहार किया जाए, ताकि देवभूमि से वे एक सुखद संदेश लेकर लौटें।
हितधारकों से संवाद और समस्याओं का समाधान
भ्रमण के दौरान मुख्यमंत्री ने यात्रा से जुड़े विभिन्न हितधारकों, स्थानीय व्यापारियों और तीर्थ पुरोहितों से भी सीधा संवाद किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि स्थानीय लोगों की समस्याओं का समाधान समयबद्ध तरीके से सुनिश्चित किया जाए।





