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चारधाम यात्रा: श्रद्धालुओं में भारी उत्साह; एक सप्ताह में 5.18 लाख पंजीकरण, केदारनाथ धाम पहली पसंद

देहरादून (16 मार्च, 2026): उत्तराखंड की विश्वप्रसिद्ध चारधाम यात्रा को लेकर देश-दुनिया के श्रद्धालुओं में अभूतपूर्व उत्साह देखने को मिल रहा है। आगामी 19 अप्रैल से शुरू होने वाली इस पावन यात्रा के लिए पर्यटन विभाग द्वारा शुरू की गई ऑनलाइन पंजीकरण प्रक्रिया में रिकॉर्ड तोड़ आवेदन आ रहे हैं। पंजीकरण पोर्टल खुलने के मात्र एक सप्ताह के भीतर ही 5.18 लाख से अधिक तीर्थयात्री अपना स्लॉट बुक कर चुके हैं, जो इस वर्ष यात्रा के नए कीर्तिमान स्थापित करने की ओर इशारा कर रहा है।

पंजीकरण के आंकड़े: केदारनाथ के प्रति विशेष आकर्षण

पर्यटन विभाग द्वारा जारी नवीनतम आंकड़ों के अनुसार, श्रद्धालुओं की सबसे अधिक भीड़ बाबा केदार के दर्शनों के लिए उमड़ रही है:

  • केदारनाथ धाम: अब तक सबसे अधिक 1.73 लाख श्रद्धालुओं ने केदारनाथ यात्रा के लिए पंजीकरण कराया है।
  • बदरीनाथ धाम: भगवान बदरी विशाल के दर्शनों के लिए भी डेढ़ लाख से अधिक आवेदन प्राप्त हो चुके हैं।
  • यमुनोत्री व गंगोत्री: इन दोनों धामों के लिए भी पंजीकरण की संख्या तेजी से बढ़ रही है।
  • कुल पंजीकरण: महज सात दिनों में 5.18 लाख का आंकड़ा पार होना विभाग के लिए भी बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है।

पंजीकरण की प्रक्रिया और महत्वपूर्ण तिथियां

श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए पर्यटन विभाग ने इस बार व्यवस्थाओं को और अधिक सुगम बनाया है:

  1. ऑनलाइन प्रक्रिया: 6 मार्च से ही आधिकारिक वेबसाइट, मोबाइल ऐप और व्हाट्सएप के माध्यम से ऑनलाइन पंजीकरण शुरू कर दिए गए थे।
  2. ऑफलाइन पंजीकरण: जो श्रद्धालु ऑनलाइन आवेदन नहीं कर पा रहे हैं, उनके लिए 17 अप्रैल से हरिद्वार और ऋषिकेश जैसे प्रमुख प्रवेश द्वारों पर ऑफलाइन पंजीकरण की सुविधा शुरू की जाएगी।
  3. यात्रा का आगाज: कपाट खुलने की तिथियों के अनुसार, चारधाम यात्रा का विधिवत शुभारंभ 19 अप्रैल से होने जा रहा है।

प्रशासन की तैयारियां: सुगम यात्रा पर जोर

इतनी बड़ी संख्या में आ रहे आवेदनों को देखते हुए शासन और प्रशासन अलर्ट मोड पर है:

  • भीड़ नियंत्रण: पंजीकरण की संख्या के आधार पर ही धामों में प्रतिदिन दर्शन करने वाले यात्रियों की संख्या निर्धारित की जाएगी ताकि अव्यवस्था न फैले।
  • स्वास्थ्य व सुरक्षा: यात्रा मार्गों पर स्वास्थ्य शिविरों, पेयजल और बिजली की आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए विभाग युद्धस्तर पर काम कर रहे हैं।
  • सड़क मरम्मत: हालिया बारिश और बर्फबारी के बाद मार्गों को सुचारू करने और ‘ऑल वेदर रोड’ के पैच वर्क को समय से पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं।

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