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चारधाम यात्रा की तैयारी: आज से व्यावसायिक वाहनों के लिए बनेंगे ‘ग्रीन कार्ड’; परिवहन विभाग ने कसी कमर

देहरादून: आगामी चारधाम यात्रा को सुगम और सुरक्षित बनाने के लिए उत्तराखंड परिवहन विभाग ने अपनी सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं। विभाग की योजना के अनुसार, आज से चारधाम यात्रा मार्गों पर संचालित होने वाले सभी व्यावसायिक यात्री वाहनों के लिए अनिवार्य ‘ग्रीन कार्ड’ बनाने की प्रक्रिया विधिवत रूप से शुरू हो जाएगी। यह कदम यात्रा के दौरान वाहनों की फिटनेस और सुरक्षा मानकों को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से उठाया गया है।

इन स्थानों पर उपलब्ध होगी सुविधा

परिवहन विभाग ने वाहन स्वामियों की सुविधा के लिए राज्य के विभिन्न महत्वपूर्ण केंद्रों पर ग्रीन कार्ड बनाने की व्यवस्था की है। देहरादून की आशारोड़ी चेक पोस्ट, विकासनगर, ऋषिकेश, हरिद्वार और रुड़की एआरटीओ (ARTO) कार्यालयों में आज से ही कार्ड बनाने का कार्य प्रारंभ हो जाएगा। इसके अतिरिक्त, 15 अप्रैल से रुड़की की नारसन चेक पोस्ट पर भी विशेष रूप से ग्रीन कार्ड बनाने की खिड़की खोल दी जाएगी, जिससे बाहरी राज्यों से आने वाले वाहनों को बड़ी राहत मिलेगी।

पारदर्शिता और सख्ती के निर्देश

आरटीओ (प्रशासन) ने सभी संबंधित एआरटीओ को सख्त निर्देश जारी किए हैं कि ग्रीन कार्ड जारी करने की पूरी प्रक्रिया अत्यंत पारदर्शी होनी चाहिए। अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि केवल उन्हीं वाहनों को ग्रीन कार्ड जारी किए जाएं जो पर्वतीय मार्गों पर चलने के लिए पूरी तरह फिट हों और जिनके पास सभी आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध हों। यात्रा के दौरान किसी भी तकनीकी खराबी या लापरवाही की गुंजाइश न रहे, इसके लिए वाहनों की सघन चेकिंग के भी आदेश दिए गए हैं।

रिकॉर्ड वाहनों की उम्मीद

पिछले आंकड़ों पर नजर डालें तो चारधाम यात्रा के प्रति देश-दुनिया के श्रद्धालुओं का उत्साह लगातार बढ़ता जा रहा है। वर्ष 2025 में विभाग द्वारा लगभग 32,000 व्यावसायिक यात्री वाहनों के ग्रीन कार्ड बनाए गए थे। इस वर्ष यात्रा सीजन में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए परिवहन विभाग अनुमान लगा रहा है कि यह संख्या पिछले रिकॉर्ड को भी पार कर सकती है। इसी को ध्यान में रखते हुए चेक पोस्टों पर अतिरिक्त स्टाफ और तकनीकी संसाधनों की तैनाती की गई है।

परिवहन विभाग ने सभी बस और टैक्सी ऑपरेटरों से अपील की है कि वे समय रहते अपने वाहनों का निरीक्षण करा लें और ग्रीन कार्ड बनवा लें, ताकि यात्रा के ऐन वक्त पर उन्हें किसी भी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।

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