चकराता (देहरादून): उत्तराखंड के प्रमुख पर्यटन स्थल चकराता के ऊंचे पहाड़ी इलाके लोखंडी में भारी बर्फबारी के कारण फंसे 80 पर्यटकों के लिए सोमवार की रात किसी भयावह सपने से कम नहीं थी। राष्ट्रीय राजमार्ग-707ए पर लगभग तीन फीट जमी बर्फ के कारण पर्यटकों के वाहन बीच रास्ते में ही फंस गए, जिससे दर्जनों परिवारों की जान जोखिम में पड़ गई। सूचना मिलते ही स्थानीय प्रशासन, पुलिस और सीमा सड़क संगठन (BRO) ने संयुक्त रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया और घंटों की कड़ी मशक्कत के बाद सभी 80 पर्यटकों को सकुशल बाहर निकाल लिया।
भारी हिमपात ने थामी रफ्तार
पिछले 24 घंटों से चकराता और उससे सटे इलाकों में जारी भारी बर्फबारी ने लोखंडी और आसपास के क्षेत्रों को सफेद चादर से ढक दिया है।
- फंस गए वाहन: लोखंडी के पास सड़क पर तीन फीट तक बर्फ जमा होने के कारण पर्यटकों की कारें और बसें स्किड होने लगीं और वहीं जाम हो गईं।
- शून्य से नीचे तापमान: कड़ाके की ठंड और बर्फीली हवाओं के बीच फंसे पर्यटकों, जिनमें महिलाएं और बच्चे भी शामिल थे, के पास खाने-पीने और हीटिंग की सुविधा खत्म होने लगी थी।
मध्य रात्रि तक चला रेस्क्यू ऑपरेशन
पर्यटकों के फंसने की सूचना मिलते ही चकराता थाना पुलिस और तहसील प्रशासन की टीमें मौके पर पहुँचीं।
- बर्फ हटाने का काम: बीआरओ की मशीनों और जेसीबी (JCB) को तुरंत काम पर लगाया गया ताकि हाईवे से तीन फीट मोटी बर्फ की परत को साफ किया जा सके।
- सकुशल निकासी: पुलिसकर्मियों ने कड़ाके की ठंड में पैदल चलकर फंसे हुए वाहनों तक पहुँच बनाई और एक-एक कर सभी 80 पर्यटकों को सुरक्षित निकाला। उन्हें पास के होटल और सुरक्षित आश्रयों में पहुँचाया गया, जहाँ उनके लिए भोजन और अलाव की व्यवस्था की गई।
पर्यटकों की सुरक्षा के लिए प्रशासन की अपील
इस सफल रेस्क्यू के बाद प्रशासन ने पर्यटकों और स्थानीय निवासियों के लिए चेतावनी जारी की है।
- अग्रिम आदेश तक आवाजाही बंद: लोखंडी और त्यूणी मार्ग पर अत्यधिक बर्फ होने के कारण फिलहाल बड़े और छोटे वाहनों की आवाजाही पर रोक लगा दी गई है।
- एडवाइजरी: एसडीएम चकराता ने अपील की है कि पर्यटक खराब मौसम की चेतावनी के दौरान ऊंचे इलाकों में जाने से बचें और केवल अधिकृत रास्तों का ही उपयोग करें।
लोखंडी बना ‘स्नो डेस्टिनेशन’ पर सावधानी जरूरी
लोखंडी अपनी खूबसूरती के कारण पर्यटकों की पहली पसंद बना हुआ है, लेकिन यहां बुनियादी सुविधाओं और संचार नेटवर्क की कमी संकट के समय मुसीबत बन जाती है। स्थानीय लोगों का कहना है कि प्रशासन को बर्फबारी के दौरान हाईवे पर पहले से ही मशीनों की तैनाती सुनिश्चित करनी चाहिए ताकि ऐसी स्थिति दोबारा न बने।
“हमारी टीम ने रात भर चले ऑपरेशन में यह सुनिश्चित किया कि एक भी पर्यटक को आंच न आए। सभी 80 लोग अब सुरक्षित हैं और उन्हें सुरक्षित स्थानों पर भेज दिया गया है।” — प्रभारी निरीक्षक, चकराता पुलिस





