न्यूयॉर्क। संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) में गाजा में युद्धविराम को लेकर लाए गए प्रस्ताव पर अमेरिका ने वीटो लगा दिया। परिषद के 15 में से 14 सदस्य देशों ने इस प्रस्ताव का समर्थन किया, लेकिन अकेले अमेरिका के विरोध ने इसे पारित होने से रोक दिया। यह घटनाक्रम उस समय सामने आया है जब गाजा में लगातार बढ़ते संघर्ष और मानवीय संकट को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चिंता गहराती जा रही है।
प्रस्ताव का मकसद
यह प्रस्ताव गाजा में जारी इजरायल-हमास युद्ध को रोकने और मानवीय सहायता पहुंचाने की दिशा में लाया गया था। प्रस्ताव में तत्काल युद्धविराम की अपील की गई थी ताकि हजारों बेघर हुए परिवारों तक राहत सामग्री, दवाइयां और चिकित्सा सहायता सुरक्षित ढंग से पहुंचाई जा सके।
अमेरिका का तर्क
अमेरिका ने अपने वीटो को सही ठहराते हुए कहा कि यह प्रस्ताव एकतरफा है और इसमें इजरायल की सुरक्षा चिंताओं को पर्याप्त महत्व नहीं दिया गया। अमेरिकी प्रतिनिधि ने कहा कि गाजा संघर्ष का हल केवल कूटनीतिक वार्ता और स्थायी समाधान से ही संभव है, न कि तात्कालिक युद्धविराम से।
अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया
अमेरिका को छोड़कर परिषद के अन्य सभी 14 सदस्यों ने प्रस्ताव का समर्थन किया। कई देशों ने अमेरिका की इस कार्रवाई पर नाराजगी जताते हुए कहा कि इससे गाजा में मानवीय संकट और गहरा सकता है। पर्यवेक्षकों का मानना है कि यह कदम वॉशिंगटन को अंतरराष्ट्रीय मंच पर अलग-थलग कर सकता है।
गाजा की स्थिति
गाजा में इजरायली हमलों और हमास के जवाबी हमलों के बीच आम नागरिक सबसे अधिक प्रभावित हो रहे हैं। अस्पतालों पर बोझ बढ़ गया है और बुनियादी सुविधाओं की भारी कमी है। संयुक्त राष्ट्र एजेंसियों के मुताबिक, लाखों लोग भोजन, पानी और दवाइयों की गंभीर किल्लत झेल रहे हैं।





