देहरादून। गांधी जयंती की छुट्टी और शनिवार-रविवार के अवकाश के चलते उत्तराखंड के पर्यटन स्थल चकराता में सैलानियों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। शुक्रवार शाम से ही पर्यटकों के पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया। इससे होटल, रिजॉर्ट, होम स्टे और रेस्टोरेंट कारोबार में रौनक लौट आई। वीकेंड के लिए अधिकांश होटल और ठहरने के दूसरे ठिकाने पहले ही भर गए।
बारिश के बाद पर्यटन कारोबार को मिली राहत
जुलाई, अगस्त और सितंबर में लगातार बारिश और भूस्खलन के खतरे के कारण चकराता में पर्यटकों की आवाजाही कम हो गई थी। इससे पर्यटन कारोबारियों को नुकसान उठाना पड़ा। अब अक्टूबर में मौसम साफ होने और मैदानी इलाकों में गर्मी बढ़ने के कारण लोग पहाड़ों का रुख कर रहे हैं।
दिल्ली, नोएडा, हरियाणा, पंजाब और चंडीगढ़ समेत विभिन्न क्षेत्रों से पर्यटक चकराता पहुंच रहे हैं। लंबे वीकेंड ने स्थानीय पर्यटन कारोबारियों को राहत दी है।
टाइगर फॉल और लोखंडी बने पर्यटकों की पसंद
चकराता पहुंच रहे सैलानी यहां के प्रमुख पर्यटन स्थलों का आनंद ले रहे हैं। टाइगर फॉल, मोईला टॉप, कोटी कनासर, रामताल गार्डन, लोखंडी, चिरमिरी टॉप और नवीन चकराता में पर्यटकों की आवाजाही बढ़ी है। पर्यटक प्राकृतिक सुंदरता के बीच समय बिता रहे हैं और खूबसूरत नजारों को कैमरों में कैद कर रहे हैं।
चकराता छावनी बाजार में भी दिनभर पर्यटकों की चहल-पहल बनी हुई है। स्थानीय दुकानदारों, होटल संचालकों और रेस्टोरेंट व्यवसायियों को कारोबार बढ़ने की उम्मीद है।
कारोबारियों को अच्छे सीजन की उम्मीद
स्थानीय होटल व्यवसायियों के अनुसार, जून में पर्यटकों की अच्छी संख्या पहुंची थी, लेकिन मानसून के दौरान लगातार बारिश से कारोबार प्रभावित रहा। अब मौसम खुलने के बाद अक्टूबर के पहले वीकेंड में पर्यटकों की आमद बढ़ने से कारोबार को नई गति मिली है।
गांधी जयंती की छुट्टी के साथ सप्ताहांत का संयोग पर्यटन कारोबार के लिए राहत लेकर आया है। यदि मौसम अनुकूल बना रहता है, तो आने वाले दिनों में भी चकराता में पर्यटकों की अच्छी आवाजाही रहने की उम्मीद है।





