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गंगोत्री धाम में गैर-सनातनियों के प्रवेश पर रोक: गंगोत्री मंदिर समिति का नया फार्मूला, ‘गोमूत्र पीने पर ही मिलेगा दर्शन’

उत्तरकाशी/हृषिकेश (21 मार्च, 2026): उत्तराखंड के चारों धामों (गंगोत्री, यमुनोत्री, केदारनाथ और बद्रीनाथ) में गैर-सनातनियों के प्रवेश पर रोक लगाने के विवादास्पद मामले में गंगोत्री मंदिर समिति ने एक नया और सख्त फार्मूला पेश किया है। समिति ने पहले ही गैर-सनातनियों के प्रवेश पर पूर्ण रोक लगाने का आदेश जारी कर दिया था, लेकिन अब उसने मंदिर में प्रवेश के लिए एक नई और अनूठी योजना बनाई है। इसके तहत, गंगोत्री धाम में प्रवेश के इच्छुक प्रत्येक श्रद्धालु को मंदिर के प्रवेश द्वार पर ‘पंचगव्य’ ग्रहण करना अनिवार्य होगा। समिति के सचिव ने स्पष्ट किया है कि जो श्रद्धालु पंचगव्य, जिसमें गोमूत्र भी शामिल होता है, को पीने के लिए तैयार होगा, उसका मंदिर में स्वागत किया जाएगा।

पंचगव्य ग्रहण करना अनिवार्य: दूध, दही, घी, गोमूत्र और गोबर

गंगोत्री मंदिर समिति द्वारा प्रस्तावित नई योजना के अनुसार, मंदिर के प्रवेश द्वार पर एक विशेष व्यवस्था की जाएगी, जहाँ श्रद्धालुओं को पंचगव्य का वितरण किया जाएगा। पंचगव्य एक अत्यंत पवित्र मिश्रण माना जाता है, जिसमें पाँच प्रमुख तत्व शामिल होते हैं:

  1. दूध: गाय का दूध।
  2. दही: गाय के दूध से बना दही।
  3. घी: गाय के दूध से बना घी।
  4. गोमूत्र: गाय का मूत्र।
  5. गोबर: गाय का गोबर।

श्रद्धालुओं को मंदिर में प्रवेश करने और माँ गंगा के दर्शन करने से पहले इस पंचगव्य को ग्रहण करना होगा। समिति का मानना है कि यह प्रक्रिया श्रद्धालुओं की आध्यात्मिक शुद्धि और सनातन धर्म के प्रति उनकी निष्ठा को परखने का एक माध्यम होगी।

कमेटी का गठन: प्रवेश के नियम तय करेगी

गंगोत्री मंदिर समिति के सचिव ने जानकारी दी है कि मंदिर में प्रवेश के नियमों को और अधिक स्पष्ट और सख्त बनाने के लिए एक विशेष कमेटी का गठन किया जा रहा है। यह कमेटी निम्नलिखित कार्यों को अंजाम देगी:

  • प्रवेश प्रक्रिया: पंचगव्य ग्रहण करने की प्रक्रिया और अन्य प्रवेश नियमों को विस्तृत रूप से तैयार करना।
  • पहचान और सत्यापन: श्रद्धालुओं की पहचान और सत्यापन के लिए आवश्यक दस्तावेज़ों और प्रक्रियाओं को निर्धारित करना।
  • सुरक्षा और व्यवस्था: मंदिर परिसर में सुरक्षा और व्यवस्था बनाए रखने के लिए आवश्यक उपायों को लागू करना।

यह कमेटी मंदिर समिति और स्थानीय प्रशासन के साथ मिलकर काम करेगी, ताकि प्रवेश नियमों को सुचारू रूप से लागू किया जा सके और किसी भी अप्रिय स्थिति से बचा जा सके।

यमुनोत्री धाम का रुख: 24 मार्च को होगा निर्णय

गंगोत्री धाम के इस सख्त रुख के बाद, अब सभी की नजरें यमुनोत्री धाम पर टिकी हैं। यमुनोत्री मंदिर समिति के सचिव ने बताया है कि गैर-सनातनियों के प्रवेश पर निर्णय लेने के लिए 24 मार्च को यमुना जयंती के अवसर पर एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की जाएगी। इस बैठक में समिति के सदस्य, तीर्थ पुरोहित और स्थानीय प्रशासन के अधिकारी भाग लेंगे और सभी पहलुओं पर विस्तार से चर्चा करने के बाद एक सर्वसम्मत निर्णय लिया जाएगा।

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