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क्वेटा में ऐतिहासिक गुरुद्वारा ध्वस्त, मॉल बनाने की तैयारी का आरोप; सिख समुदाय में रोष

क्वेटा। पाकिस्तान के बलूचिस्तान प्रांत की राजधानी क्वेटा में करीब 200 साल पुराने ऐतिहासिक श्री गुरु सिंह सभा गुरुद्वारा को कथित तौर पर ध्वस्त किए जाने का मामला सामने आया है। सिख समुदाय का आरोप है कि गुरुद्वारे की इमारत को गिराकर वहां शॉपिंग मॉल बनाने की तैयारी की जा रही है। इस घटना के बाद स्थानीय सिख समुदाय और नागरिक संगठनों में भारी नाराजगी है।

सिख समुदाय के स्थानीय नेता जसबीर सिंह के अनुसार, आर्चर रोड स्थित गुरुद्वारा श्री सिंह सभा की इमारत को गिराकर एक निजी कंपनी को व्यावसायिक परिसर बनाने के लिए जमीन सौंप दी गई है। उनका कहना है कि इस कार्रवाई से पहले सिख समुदाय को न तो सूचना दी गई और न ही उनसे कोई परामर्श किया गया। गुरुद्वारे की इमारत में लंबे समय से सेंट गैब्रियल स्कूल भी संचालित हो रहा था, जिसे बाद में दूसरी जगह स्थानांतरित कर दिया गया।

बताया जाता है कि यह गुरुद्वारा दशकों से सिख समुदाय की धार्मिक और ऐतिहासिक विरासत का महत्वपूर्ण हिस्सा रहा है। पाकिस्तान में हिंदू और सिख समुदाय की विभाजन के बाद छूटी धार्मिक संपत्तियों की देखरेख इवेक्यू ट्रस्ट प्रॉपर्टी बोर्ड (ETPB) करता है। इसी कारण गुरुद्वारे की जमीन और उसके इस्तेमाल को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं।

घटना के विरोध में स्थानीय सिख समुदाय के साथ अन्य अल्पसंख्यक समूहों और नागरिक समाज के लोगों ने भी आवाज उठाई है। भारत में भी सिख संगठनों ने इस घटना पर चिंता जताते हुए ऐतिहासिक धार्मिक स्थलों की सुरक्षा की मांग की है। शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (SGPC) ने गुरुद्वारे के ध्वस्तीकरण को सिख विरासत पर हमला बताते हुए इसकी निंदा की है।

सिख समुदाय ने पाकिस्तान सरकार से मामले की जांच कराने, निर्माण गतिविधि रोकने और धार्मिक स्थल की विरासत को सुरक्षित रखने की मांग की है। इस घटना ने पाकिस्तान में अल्पसंख्यक समुदायों के धार्मिक और ऐतिहासिक स्थलों की सुरक्षा को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े कर दिए हैं।

 

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