रामनगर (नैनीताल): विश्व प्रसिद्ध जिम कॉर्बेट नेशनल पार्क में अब पर्यटकों और फोटोग्राफरों को एक बिल्कुल नया अनुभव मिलने वाला है। पार्क प्रशासन ने नए पर्यटन सत्र के दौरान वन्यजीवों के दीदार और उनकी तस्वीरें लेने के शौकीनों के लिए विशेष इंतजाम किए हैं। इन नई सुविधाओं का उद्देश्य न केवल पर्यटकों की संख्या बढ़ाना है, बल्कि उन्हें जंगल की गहराई और वन्यजीवों की गतिविधियों को और करीब से देखने का मौका देना भी है। अब जंगल सफारी के दौरान पर्यटकों का उत्साह दोगुना होने वाला है क्योंकि प्रशासन ने कई ऐसे क्षेत्रों को विकसित किया है जहाँ से बाघ (Tiger) और अन्य दुर्लभ जीवों को कैमरे में कैद करना बेहद आसान हो जाएगा।
क्या हैं नई सुविधाएं? (फोटोज का बढ़ेगा रोमांच)
पार्क प्रशासन ने फोटोग्राफी और व्यूइंग एक्सपीरियंस को बेहतर बनाने के लिए निम्नलिखित कदम उठाए हैं:
- नए वॉच टॉवर और व्यू-पॉइंट्स: पार्क के भीतर रणनीतिक स्थानों पर नए और ऊंचे वॉच टॉवर बनाए गए हैं। ये टॉवर ऐसे स्थानों पर हैं जहाँ से घास के मैदानों (Chaurs) और जलस्रोतों का स्पष्ट नजारा दिखता है, जिससे फोटोग्राफरों को ‘एंगल’ की समस्या नहीं होगी।
- लैंडस्केप का प्रबंधन: कुछ चुनिंदा सफारी रूट्स पर झाड़ियों की छंटाई और रास्तों का प्रबंधन इस तरह किया गया है कि पर्यटकों को दूर तक साफ दिखाई दे सके और फोटो लेते समय प्राकृतिक बाधाएं कम आएं।
- डिजिटल गाइडेंस: सफारी के दौरान अब प्रशिक्षित गाइड्स को विशेष रूप से वन्यजीवों के व्यवहार और लाइटिंग (Lighting) के बारे में जानकारी देने के लिए भी तैयार किया गया है, ताकि पर्यटक बेहतरीन शॉट ले सकें।
पर्यटकों के लिए अन्य प्रमुख आकर्षण
इन नई सौगातों के अलावा, कॉर्बेट प्रशासन ने कुछ अन्य बदलाव भी किए हैं:
- ई-सफारी वाहनों को प्रोत्साहन: पर्यावरण को प्रदूषण से बचाने और शांति बनाए रखने के लिए अब शांत ई-वाहनों (Electric Vehicles) की संख्या बढ़ाई जा रही है। शोर कम होने के कारण अब जानवर रास्तों के करीब अधिक समय तक रुक रहे हैं, जो फोटोग्राफी के लिए बेहतरीन अवसर है।
- कैंपिंग और स्टे एक्सपीरियंस: पार्क के बफर जोन में बने विश्राम गृहों के आसपास भी ‘नेचर ट्रेल’ (Nature Trails) विकसित की गई हैं, जहाँ सुबह और शाम के समय पक्षियों की दुर्लभ प्रजातियों की फोटोग्राफी की जा सकती है।
- ऑनलाइन बुकिंग में आसानी: पर्यटकों की बढ़ती भीड़ को देखते हुए गेट पास और स्टे की ऑनलाइन प्रक्रिया को और अधिक पारदर्शी और सुगम बनाया गया है।
सुरक्षा और नियमों का पालन अनिवार्य
उत्साह के बीच पार्क प्रशासन ने सुरक्षा नियमों को लेकर भी सख्त चेतावनी जारी की है:
- दूरी बनाए रखना: फोटोग्राफी के चक्कर में जानवरों के बहुत करीब जाना या वाहन से उतरना सख्त मना है। नियमों का उल्लंघन करने पर भारी जुर्माना और ब्लैकलिस्ट किए जाने का प्रावधान है।
- फ्लैश फोटोग्राफी पर रोक: रात के समय या कम रोशनी में जानवरों की आंखों पर सीधा प्रभाव डालने वाली फ्लैश फोटोग्राफी प्रतिबंधित रहेगी।
निष्कर्ष: पर्यटन और संरक्षण का संतुलन
कॉर्बेट पार्क के निदेशक का कहना है कि ये नई सुविधाएं पर्यटन को बढ़ावा देने के साथ-साथ प्रकृति के प्रति लोगों में संवेदनशीलता भी पैदा करेंगी। जब लोग वन्यजीवों की खूबसूरत तस्वीरें लेंगे और उन्हें साझा करेंगे, तो इससे संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ेगी। यह सत्र कॉर्बेट के इतिहास में फोटोग्राफी के लिहाज से अब तक का सबसे यादगार सत्र होने की उम्मीद है।





