नैनीताल/कैंची धाम। विश्व प्रसिद्ध बाबा नीम करोली महाराज के कैंची धाम में 15 जून को आयोजित स्थापना दिवस पर श्रद्धा और आस्था का अद्भुत संगम देखने को मिला। सुबह से ही देश–विदेश से आए लाखों श्रद्धालुओं की भीड़ मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्रों में उमड़ पड़ी। पूरे धाम परिसर में “जय बाबा नीम करोली” और “हर–हर महादेव” के जयकारों से वातावरण भक्तिमय हो उठा।
हर वर्ष की तरह इस बार भी स्थापना दिवस पर विशाल मेले का आयोजन किया गया, जिसमें श्रद्धालुओं की संभावित संख्या एक लाख से अधिक रही। भीड़ को देखते हुए जिला प्रशासन और पुलिस ने पहले से ही व्यापक इंतजाम किए थे। मंदिर परिसर को आकर्षक रूप से सजाया गया और सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की गई।
प्रशासन द्वारा जारी ट्रैफिक प्लान के तहत काठगोदाम, भवाली, नैनीताल और भीमताल से शटल बस सेवाएं चलाई गईं। श्रद्धालुओं को निजी वाहनों से निर्धारित पार्किंग स्थलों तक ही जाने की अनुमति दी गई, जहां से उन्हें शटल सेवा के माध्यम से धाम तक पहुंचाया गया। इससे मुख्य मार्गों पर जाम की स्थिति को काफी हद तक नियंत्रित रखा गया।
बुजुर्गों और दिव्यांग श्रद्धालुओं के लिए विशेष ई–रिक्शा सेवा की व्यवस्था की गई, जिससे उन्हें मंदिर तक पहुंचने में किसी प्रकार की असुविधा न हो। सुरक्षा के मद्देनजर पूरे क्षेत्र में सीसीटीवी कैमरों से निगरानी की गई और पुलिस अधिकारी लगातार स्थिति पर नजर बनाए रहे।
प्रशासन ने श्रद्धालुओं से अपील की थी कि वे यात्रा से पहले ट्रैफिक एडवाइजरी का पालन करें और केवल निर्धारित मार्गों का ही उपयोग करें। अधिकारियों का कहना है कि भीड़ प्रबंधन और सुचारु व्यवस्था के कारण इस वर्ष आयोजन अपेक्षाकृत शांतिपूर्ण और व्यवस्थित रहा।
कैंची धाम का स्थापना दिवस हर वर्ष श्रद्धा, भक्ति और आध्यात्मिक ऊर्जा का प्रतीक बनकर देश–दुनिया के भक्तों को एक साथ जोड़ता है। बाबा नीम करोली महाराज के दर्शन के लिए उमड़ी यह आस्था की भीड़ एक बार फिर इस पावन स्थल की वैश्विक लोकप्रियता को दर्शाती है।





