तिरुवनंतपुरम/कोझिकोड: केरल में पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए विस्फोटकों के एक विशाल जखीरे को जब्त किया है। तस्करों ने सुरक्षा एजेंसियों की आंखों में धूल झोंकने के लिए इन विस्फोटकों को तरबूज से लदे एक ट्रक में बेहद शातिराना तरीके से छिपाया था। नियमित चेकिंग के दौरान जब पुलिस ने ट्रक की तलाशी ली, तो ऊपर से सामान्य दिख रहे तरबूजों के नीचे विस्फोटकों से भरे 100 से अधिक बक्से बरामद हुए। इस बरामदगी के बाद राज्य में सुरक्षा एजेंसियां हाई अलर्ट पर हैं और मामले की जांच आतंकी एंगल और अवैध खनन, दोनों ही दिशाओं में की जा रही है।
तलाशी के दौरान खुला राज: तरबूज के नीचे मिला ‘बारूद’
पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि एक संदिग्ध वाहन सीमावर्ती इलाके से राज्य के भीतर प्रवेश करने वाला है:
- शातिराना तरीका: ट्रक के ऊपरी हिस्से में सैकड़ों तरबूज भरे हुए थे ताकि बाहर से देखने पर यह केवल फलों की सप्लाई जैसा लगे। लेकिन गहराई से जांच करने पर ट्रक के निचले हिस्से में लकड़ी और कार्डबोर्ड के बक्से मिले।
- बरामदगी का विवरण: जब्त किए गए बक्सों में भारी मात्रा में जिलेटिन की छड़ें, इलेक्ट्रिक डिटोनेटर और अन्य विस्फोटक सामग्री पाई गई है। प्रारंभिक अनुमान के अनुसार, इनकी मात्रा किसी बड़ी विध्वंसक घटना को अंजाम देने के लिए काफी थी।
पुलिस की कार्रवाई और गिरफ्तारियां
हादसे वाली जगह से पुलिस ने ट्रक चालक और उसके एक सहयोगी को हिरासत में ले लिया है:
- इंटेंसिव इंटरोगेशन: पुलिस हिरासत में लिए गए लोगों से यह जानने की कोशिश कर रही है कि यह खेप कहाँ से लाई गई थी और इसका अंतिम गंतव्य (Destination) क्या था।
- फोरेंसिक जांच: बम निरोधक दस्ते (BDDS) और फोरेंसिक विशेषज्ञों ने मौके पर पहुँचकर विस्फोटकों के नमूने लिए हैं ताकि यह पता लगाया जा सके कि यह किस श्रेणी का बारूद है।
- नेटवर्क का पर्दाफाश: पुलिस को संदेह है कि इसके पीछे कोई बड़ा अंतरराज्यीय सिंडिकेट काम कर रहा है जो केरल और पड़ोसी राज्यों में अवैध रूप से विस्फोटक सप्लाई करता है।
सुरक्षा एजेंसियों की बढ़ी चिंता
केरल में इतनी बड़ी मात्रा में विस्फोटकों का मिलना कई सवाल खड़े करता है:
- अवैध खनन या कुछ और?: हालांकि केरल के कुछ हिस्सों में अवैध पत्थर उत्खनन (Quarrying) के लिए विस्फोटकों का इस्तेमाल होता है, लेकिन 100 से ज्यादा बक्सों की खेप किसी बड़ी साजिश की ओर भी इशारा करती है।
- सुरक्षा अलर्ट: राज्य के प्रमुख सार्वजनिक स्थानों, धार्मिक स्थलों और महत्वपूर्ण प्रतिष्ठानों पर सुरक्षा बढ़ा दी गई है।
निष्कर्ष: प्रशासन का कड़ा रुख
केरल पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों के अनुसार, इस मामले में गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (UAPA) के तहत भी कार्रवाई की जा सकती है यदि जांच में किसी आतंकी लिंक की पुष्टि होती है।
“यह एक बहुत बड़ी बरामदगी है। जिस तरह से इन्हें छिपाया गया था, उससे साफ है कि यह पूरी तरह से गैरकानूनी काम था। हमने जांच के लिए विशेष टीम बनाई है और हम इसके मुख्य सरगना तक पहुँचने की कोशिश कर रहे हैं।” — वरिष्ठ पुलिस अधिकारी, केरल





