नई दिल्ली। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और केंद्र सरकार के बीच एक बार फिर टकराव तेज हो गया है। इस बार विवाद का मुद्दा राज्य में बाढ़ प्रबंधन और केंद्रीय सहायता से जुड़ा है। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने हाल ही में केंद्र पर आरोप लगाया था कि बंगाल को बाढ़ नियंत्रण और राहत कार्यों के लिए आवश्यक धनराशि नहीं दी जा रही। इस पर केंद्र सरकार ने कड़ा जवाब देते हुए कहा है कि राज्य को अब तक ₹1290 करोड़ से अधिक की राशि पहले ही जारी की जा चुकी है।
केंद्र सरकार के एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार, बाढ़ प्रबंधन कार्यक्रम (FMP) के तहत पश्चिम बंगाल को वित्तीय वर्ष 2016-17 से लेकर 2024 तक लगातार सहायता दी गई है। इस अवधि में राज्य को ₹1290.57 करोड़ से अधिक की केंद्रीय हिस्सेदारी मंजूर और जारी की गई। अधिकारी ने कहा कि केंद्र ने राज्य को समय पर फंड उपलब्ध कराए हैं, लेकिन राज्य सरकार को परियोजनाओं के समुचित उपयोग और प्रगति रिपोर्ट समय पर प्रस्तुत करनी चाहिए।
केंद्र का कहना है कि बाढ़ प्रबंधन योजनाओं के लिए धनराशि जारी करने की प्रक्रिया राज्यों की प्रस्तावित परियोजनाओं और उनके भौतिक-आर्थिक प्रगति विवरणों पर निर्भर करती है। मंत्रालय के अनुसार, कई बार राज्य सरकारें प्रस्तावों में देरी करती हैं या खर्च की रिपोर्टें समय पर नहीं भेजतीं, जिससे अगली किश्त के जारी होने में विलंब होता है।
वहीं, मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने केंद्र पर आरोप लगाया था कि राज्य में भारी बारिश और बाढ़ से तबाही के बावजूद केंद्र सरकार ने पर्याप्त मदद नहीं की। उन्होंने कहा था कि राज्य को राहत और पुनर्वास के लिए अतिरिक्त फंड की आवश्यकता है, लेकिन केंद्र राजनीतिक भेदभाव कर रहा है।
केंद्र सरकार ने इन आरोपों को “तथ्यहीन और भ्रामक” बताया है। केंद्रीय जल शक्ति मंत्रालय के एक बयान में कहा गया कि पश्चिम बंगाल को बाढ़ नियंत्रण योजनाओं के लिए आवश्यक सहायता दी गई है और आगे की किश्तें भी राज्य द्वारा परियोजनाओं के प्रगति विवरण प्रस्तुत करने के बाद जारी की जाएंगी।
केंद्र ने यह भी याद दिलाया कि पश्चिम बंगाल को पहले की तरह ही राष्ट्रीय आपदा राहत कोष (NDRF) और राज्य आपदा प्रतिक्रिया कोष (SDRF) से नियमित वित्तीय सहायता दी जा रही है। इसके अलावा राज्य को कई अंतरराज्यीय नदी परियोजनाओं के लिए भी अलग से फंड स्वीकृत किया गया है।
विशेषज्ञों का कहना है कि हर साल मानसून के दौरान गंगा, दामोदर और तीस्ता नदी बेसिनों में बाढ़ प्रबंधन की चुनौती बनी रहती है। ऐसे में केंद्र और राज्य के बीच समन्वय की कमी राहत कार्यों की गति को प्रभावित कर सकती है।
कुल मिलाकर, ममता बनर्जी और केंद्र सरकार के बीच यह नया विवाद राज्य में आपदा प्रबंधन और राजनीतिक मतभेदों के पुराने टकराव को फिर से सामने ले आया है।
केंद्र-बंगाल में बाढ़ प्रबंधन को लेकर तकरार, केंद्र ने कहा— ₹1290 करोड़ मदद दी जा चुकी





