देहरादून/हरिद्वार। कांवड़ मेले की सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत बनाने के लिए उत्तराखंड पुलिस इस बार डिजिटल मोर्चे पर भी विशेष तैयारी कर रही है। पहली बार मेले में साइबर कमांडो की तैनाती की जाएगी, जो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म और ऑनलाइन गतिविधियों की चौबीस घंटे निगरानी करेंगे। इनका मुख्य उद्देश्य अफवाहों, भ्रामक सूचनाओं और एआई से तैयार किए गए फर्जी वीडियो पर तत्काल कार्रवाई करना होगा।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, कांवड़ यात्रा जैसे बड़े धार्मिक आयोजन के दौरान सोशल मीडिया के जरिए गलत सूचनाएं फैलाने की कोशिश की जा सकती है। इसे देखते हुए साइबर कमांड सेल का गठन किया गया है। यह टीम डिजिटल प्लेटफॉर्म पर संदिग्ध पोस्ट, वीडियो और संदेशों की पहचान कर संबंधित लोगों के खिलाफ कार्रवाई करेगी।
हरिद्वार के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक नवनीत सिंह भुल्लर ने बताया कि साइबर कमांडो डिजिटल निगरानी और साइबर सुरक्षा में प्रशिक्षित हैं। टीम मेले के दौरान कंट्रोल रूम के संपर्क में रहकर ऑनलाइन गतिविधियों पर नजर रखेगी और जरूरत पड़ने पर त्वरित कार्रवाई करेगी।
पुलिस की योजना के अनुसार, सामान्य भ्रामक सामग्री मिलने पर कार्रवाई की जाएगी, जबकि एआई तकनीक से बनाए गए फर्जी वीडियो और संवेदनशील सामग्री को जल्द हटाने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। अधिकारियों का कहना है कि सोशल मीडिया के दुरुपयोग से कानून-व्यवस्था और सामाजिक सौहार्द प्रभावित न हो, इसके लिए यह कदम उठाया गया है।
कांवड़ मेले के लिए पुलिस ने बहुस्तरीय सुरक्षा व्यवस्था तैयार की है। प्रमुख मार्गों, भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों और संवेदनशील स्थानों पर निगरानी बढ़ाई गई है। ड्रोन और सीसीटीवी कैमरों के साथ अब साइबर निगरानी को भी सुरक्षा व्यवस्था का हिस्सा बनाया गया है।
साइबर कमांडो की यह व्यवस्था आने वाले बड़े आयोजनों, खासकर कुंभ जैसे आयोजनों में भी उपयोगी साबित हो सकती है। उत्तराखंड पुलिस का उद्देश्य आधुनिक तकनीक के इस्तेमाल से श्रद्धालुओं की सुरक्षा और मेले के शांतिपूर्ण संचालन को सुनिश्चित करना है।





