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कांग्रेस की ‘न्याय यात्रा’ की पोल खोलेगी भाजपा की पदयात्रा, 5 नवंबर तक पूरे उत्तराखंड में चलेगा अभियान: सीएम धामी

देहरादून। उत्तराखंड में वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले भाजपा और कांग्रेस के बीच सियासी घमासान तेज हो गया है। कांग्रेस की प्रस्तावित ‘न्याय यात्रा’ के जवाब में भाजपा ने प्रदेशभर में पदयात्रा निकालने का एलान किया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गुरुवार को इसकी जानकारी देते हुए कहा कि भाजपा जनता के बीच जाकर कांग्रेस की न्याय यात्रा की वास्तविकता उजागर करेगी।

भाजपा का यह अभियान 22 अक्टूबर से 5 नवंबर तक चलेगा। इसके तहत प्रदेश के सभी 13 जिलों में पदयात्राएं आयोजित की जाएंगी। पार्टी का उद्देश्य कांग्रेस के आरोपों का जवाब देने के साथ ही अपनी सरकार के कार्यों और उपलब्धियों को जनता तक पहुंचाना है।

श्रीनगर, देहरादून और रुद्रपुर में होंगे बड़े आयोजन

मुख्यमंत्री धामी के अनुसार, 31 अक्टूबर को श्रीनगर में बड़े स्तर पर पदयात्रा निकाली जाएगी। इसके बाद 2 नवंबर को देहरादून में विशाल पदयात्रा आयोजित होगी, जिसमें 10 हजार से अधिक लोगों के शामिल होने की संभावना है। 3 नवंबर को रुद्रपुर में भी पदयात्रा निकाली जाएगी। इसके अलावा अन्य जिलों में भी पार्टी कार्यकर्ता जनता के बीच पहुंचेंगे।

कांग्रेस पर सीएम धामी का हमला

मुख्यमंत्री ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि लोकतंत्र में जनादेश का सम्मान करना जरूरी है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस लगातार विरोध-प्रदर्शनों के जरिए राजनीतिक माहौल बनाने की कोशिश कर रही है। धामी ने कहा कि संविधान को हाथ में लेकर चलना आसान है, लेकिन उसके सिद्धांतों का पालन करना अधिक महत्वपूर्ण है।

उन्होंने यह भी कहा कि त्योहारों के दौरान विरोध-प्रदर्शन कर व्यापारियों और आम लोगों को परेशानी में डालना उचित नहीं है। मुख्यमंत्री ने राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल के खिलाफ कांग्रेस नेताओं की कथित टिप्पणियों पर भी नाराजगी जताई।

अतिक्रमण हटाने और युवाओं का किया जिक्र

धामी ने दावा किया कि राज्य में सरकारी भूमि से अतिक्रमण हटाने के अभियान के तहत लगभग 13 हजार एकड़ जमीन को कब्जामुक्त कराया गया है। उन्होंने युवाओं की भूमिका का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रदेश का भविष्य युवा पीढ़ी के हाथों में है और सरकार उनके बेहतर भविष्य के लिए प्रयासरत है।

रेखा आर्य प्रकरण पर भी बोले मुख्यमंत्री

कैबिनेट मंत्री रेखा आर्य और उनके पति गिरधारी लाल साहू से जुड़े मामले पर मुख्यमंत्री ने कहा कि कानून अपना काम करेगा। आरोपों की सच्चाई और कथित ऑडियो की प्रामाणिकता का फैसला जांच के आधार पर होगा, न कि राजनीतिक बयानबाजी से।

भाजपा की पदयात्रा को आगामी विधानसभा चुनाव से पहले राजनीतिक माहौल मजबूत करने की रणनीति के रूप में देखा जा रहा है। वहीं, कांग्रेस अपनी न्याय यात्रा के जरिए सरकार को घेरने की तैयारी में है। ऐसे में दोनों दलों के बीच आने वाले दिनों में सियासी मुकाबला और तेज होने के आसार हैं।

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