मालदा, 3 सितंबर। कर्नाटक के बेंगलुरु में दस्तावेजों की जांच के दौरान पकड़े गए 31 बांग्लादेशी नागरिकों को पश्चिम बंगाल के मालदा लाया गया है। इन्हें बांग्लादेश वापस भेजने की प्रक्रिया के तहत मालदा के कर्म तीर्थ होल्डिंग सेंटर में रखा गया है। अधिकारियों के अनुसार, आवश्यक कानूनी और प्रशासनिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद इन्हें सीमा के रास्ते बांग्लादेश भेजने की कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस के मुताबिक, बेंगलुरु के अलग-अलग थाना क्षेत्रों में चलाए गए अभियान के दौरान इन लोगों को हिरासत में लिया गया था। कार्रवाई के दौरान यह जांच की गई कि उनके पास भारत में रहने के लिए वैध दस्तावेज हैं या नहीं। इसके बाद निर्वासन की प्रक्रिया आगे बढ़ाई गई।
31 लोगों को बेंगलुरु के सर एम. विश्वेश्वरैया टर्मिनल से ट्रेन के जरिए मालदा भेजा गया। उनकी सुरक्षा और निगरानी के लिए 20 पुलिसकर्मियों की टीम साथ रही। मालदा पहुंचने के बाद उन्हें कर्म तीर्थ होल्डिंग सेंटर में स्थानांतरित कर दिया गया।
पुलिस के अनुसार, यह कार्रवाई बेंगलुरु पुलिस के ‘ऑपरेशन मुक्ता’ अभियान का हिस्सा है। इस अभियान के तहत शहर में संदिग्ध अवैध विदेशी नागरिकों की पहचान और दस्तावेजों का सत्यापन किया जा रहा है। इससे पहले बड़ी संख्या में लोगों के दस्तावेजों की जांच की गई थी और संदिग्ध नागरिकों को हिरासत में लिया गया।
मालदा प्रशासन अब इन लोगों की पहचान और नागरिकता से जुड़े दस्तावेजों का सत्यापन कर रहा है। कानूनी औपचारिकताएं पूरी होने के बाद उन्हें बीएसएफ को सौंपे जाने की संभावना है, जिसके बाद भारत-बांग्लादेश सीमा के जरिए उन्हें वापस भेजने की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
अधिकारियों का कहना है कि पूरे मामले में यह भी जांच की जा रही है कि संबंधित लोग भारत में कब और किस रास्ते से पहुंचे तथा क्या किसी दलाल या मानव तस्करी नेटवर्क ने उन्हें भारत लाने में मदद की थी। जांच पूरी होने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।





