Tuesday, March 3, 2026

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कनाडा में जयशंकर-रुबियो की मुलाकात से बढ़ी उम्मीदें, भारत-अमेरिका व्यापार समझौते पर तेज हुई चर्चाएं

ओटावा (कनाडा)। विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर और अमेरिकी सीनेट की विदेशी मामलों की समिति के प्रमुख मार्क रुबियो के बीच कनाडा में हुई अहम मुलाकात ने भारत-अमेरिका व्यापार समझौते की संभावनाओं को नया बल दे दिया है। दोनों नेताओं के बीच यह बैठक बहुपक्षीय मंच के इतर आयोजित की गई, जिसमें द्विपक्षीय आर्थिक संबंधों, रक्षा सहयोग, प्रौद्योगिकी साझेदारी और वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला की स्थिरता पर विस्तृत चर्चा हुई।

बैठक के बाद जारी संयुक्त बयान में कहा गया कि भारत और अमेरिका के बीच रणनीतिक साझेदारी लगातार नई ऊंचाइयों को छू रही है। जयशंकर और रुबियो ने रक्षा, अंतरिक्ष, ऊर्जा और डिजिटल प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में सहयोग को और मजबूत करने पर सहमति जताई। विशेष रूप से, दोनों नेताओं ने वैश्विक दक्षिण (Global South) की अर्थव्यवस्थाओं में स्थिरता और आत्मनिर्भरता के लिए संयुक्त प्रयासों की आवश्यकता पर बल दिया।

स्रोतों के अनुसार, इस मुलाकात के बाद भारत-अमेरिका के बीच लंबे समय से लंबित मिनी ट्रेड डील या वृहद आर्थिक साझेदारी समझौते (FTA) की दिशा में सकारात्मक संकेत मिले हैं। पिछले कुछ महीनों में व्यापार संतुलन, निवेश सुरक्षा और बौद्धिक संपदा अधिकारों जैसे मुद्दों पर प्रगति हुई है। अब दोनों पक्ष अगले दौर की वार्ता के लिए नई रूपरेखा पर काम कर रहे हैं।

जयशंकर ने अमेरिका के साथ सेमीकंडक्टर, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI), साइबर सुरक्षा और रक्षा उत्पादन के क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने की बात कही। उन्होंने कहा कि भारत अपनी विनिर्माण क्षमताओं और युवा प्रतिभा के बल पर अमेरिकी कंपनियों के लिए एक भरोसेमंद साझेदार बन सकता है। रुबियो ने भी भारत की “मेक इन इंडिया” पहल की सराहना की और कहा कि अमेरिकी निवेशक भारत की स्थिर नीतियों और विशाल बाजार को लेकर उत्साहित हैं।

दोनों नेताओं ने जी-20 और इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में शांति, स्थिरता और स्वतंत्र नौवहन सुनिश्चित करने के लिए संयुक्त प्रयासों की आवश्यकता पर भी सहमति जताई। जयशंकर ने इस मौके पर कहा कि भारत-अमेरिका संबंध आज “आपसी विश्वास और साझा दृष्टिकोण” पर आधारित हैं, जो केवल द्विपक्षीय नहीं बल्कि वैश्विक स्थिरता में भी योगदान दे रहे हैं।

विशेषज्ञों के अनुसार, जयशंकर और रुबियो की यह बैठक कनाडा में होना भी प्रतीकात्मक रूप से महत्वपूर्ण है। हाल के महीनों में भारत-कनाडा रिश्तों में तनाव के बावजूद, यह मुलाकात बताती है कि अमेरिका और भारत क्षेत्रीय स्थिरता के लिए संवाद और सहयोग जारी रखना चाहते हैं।

कूटनीतिक सूत्रों ने संकेत दिए हैं कि अगले कुछ महीनों में भारत और अमेरिका के बीच एक उच्चस्तरीय आर्थिक संवाद आयोजित किया जा सकता है, जिसमें दोनों देशों के व्यापार मंत्रियों की भागीदारी होगी। इसका उद्देश्य मुक्त व्यापार समझौते के लिए ठोस रोडमैप तैयार करना होगा।

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