Wednesday, March 4, 2026

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कनाडा की ‘सदी की सबसे बड़ी चोरी’ का पर्दाफाश: एयरपोर्ट से उड़ाया था 180 करोड़ का सोना; गिरफ्तार 7 आरोपियों का भारत से निकला कनेक्शन

टोरंटो/ओटावा: कनाडा के टोरंटो पियर्सन अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर पिछले दिनों हुई 180 करोड़ रुपये (20 मिलियन कनाडाई डॉलर) से अधिक के सोने और नकदी की डकैती के मामले में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। कनाडाई पुलिस (पील रीजनल पुलिस) ने इस मामले में अब तक 7 संदिग्धों को गिरफ्तार किया है। चौंकाने वाली बात यह है कि पकड़े गए आरोपियों में से कई भारतीय मूल के हैं, और जांच के दौरान इस गिरोह के तार सीधे तौर पर भारत से जुड़े होने के प्रमाण मिले हैं। पुलिस ने इस पूरी साजिश को किसी फिल्मी पटकथा की तरह अंजाम देने वाला ‘सुपर-प्लान्ड’ ऑपरेशन बताया है।

कैसे हुई वारदात? (फिल्मी अंदाज में लूट)

यह घटना पिछले साल की है, जिसने कनाडा की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए थे:

  • फर्जी एयरवे बिल: मुख्य आरोपी ने एयर कनाडा के कार्गो डिपो में घुसने के लिए एक ‘फर्जी बिल’ का इस्तेमाल किया। यह बिल दरअसल एक दिन पहले डिलीवर किए गए ‘सीफूड’ (समुद्री भोजन) के पार्सल का था।
  • कंटेनर की चोरी: सुरक्षाकर्मियों को चकमा देकर आरोपी ने शुद्ध सोने की ईंटों से भरा एक विशाल कंटेनर ट्रक में लादा और चंपत हो गया। इस कंटेनर में करीब 400 किलो सोना और भारी मात्रा में विदेशी मुद्रा थी।

भारत से जुड़ा कनेक्शन और आरोपियों की पहचान

जांच में यह बात सामने आई है कि चोरी किए गए सोने का एक बड़ा हिस्सा ठिकाने लगाने के लिए अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क का इस्तेमाल किया गया:

  1. भारतीय मूल के संदिग्ध: गिरफ्तार किए गए 7 आरोपियों में परमपाल सिद्धू, अमित जलोटा, अम्मर चौधरी और प्रसाद परमलिंगम जैसे नाम शामिल हैं। इनमें से कुछ एयर कनाडा के ही कर्मचारी थे, जिन्होंने अंदरूनी जानकारी लीक की थी।
  2. सोने का रूपांतरण: पुलिस को संदेह है कि चोरी किए गए सोने को पिघलाकर उसके आकार बदल दिए गए और उसे अवैध रूप से भारत और अन्य देशों में तस्करी के जरिए भेजा गया।
  3. हथियारों की तस्करी: जांच के दौरान पुलिस ने आरोपियों के पास से भारी मात्रा में अवैध हथियार भी बरामद किए हैं। ऐसा माना जा रहा है कि सोने की चोरी से मिले पैसे का इस्तेमाल हथियारों की खरीद-फरोख्त में किया जाना था।

पुलिस की ‘प्रोजेक्ट 24-कैरेट’ जांच

कनाडाई पुलिस ने इस ऑपरेशन को ‘प्रोजेक्ट 24-कैरेट’ नाम दिया है।

  • अंतरराष्ट्रीय सहयोग: पुलिस अब इंटरपोल और भारतीय जांच एजेंसियों के साथ संपर्क में है ताकि इस नेटवर्क के भारतीय संपर्कों को पूरी तरह उजागर किया जा सके।
  • अभी भी फरार हैं मुख्य साजिशकर्ता: पुलिस ने बताया कि इस मामले में अभी भी दो मुख्य संदिग्ध फरार हैं, जिनके लिए अंतरराष्ट्रीय वारंट जारी किया गया है।

निष्कर्ष: सुरक्षा में बड़ी चूक का सबक

इस डकैती ने वैश्विक स्तर पर हवाई अड्डों की कार्गो सुरक्षा में मौजूद खामियों को उजागर कर दिया है। एयर कनाडा ने अपने कर्मचारियों की संलिप्तता सामने आने के बाद आंतरिक सुरक्षा ऑडिट के आदेश दिए हैं। भारत से जुड़े इस कनेक्शन ने सुरक्षा एजेंसियों को अलर्ट कर दिया है कि कैसे संगठित अपराध के तार सीमाओं के पार फैले हुए हैं।

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