जोशीमठ/चमोली: उत्तराखंड के विश्व प्रसिद्ध शीतकालीन खेल केंद्र औली में बर्फबारी का लंबा इंतजार खत्म हो गया है। पिछले 48 घंटों से रुक-रुक कर हो रही बर्फबारी के बाद औली के ढलानों (Slopes) पर बर्फ की मोटी चादर बिछ गई है। बर्फ की पर्याप्त उपलब्धता को देखते हुए उत्तराखंड पर्यटन विकास परिषद और स्थानीय प्रशासन ने बहुप्रतीक्षित नेशनल स्कीइंग प्रतियोगिता के आयोजन की तैयारियां तेज कर दी हैं। पर्यटन विभाग ने आयोजन की तिथि निर्धारित करने के लिए शासन को प्रस्ताव भेजकर अनुमति मांगी है।
बर्फबारी से खिले आयोजकों और पर्यटन व्यवसायियों के चेहरे
जनवरी के मध्य तक बर्फ न गिरने के कारण इस बार नेशनल चैंपियनशिप पर संकट के बादल मंडरा रहे थे। हालांकि, ताजा बर्फबारी ने उत्साह वापस लौटा दिया है:
- ढलानों की स्थिति: औली के स्की स्लोप्स पर इस समय एक से डेढ़ फीट तक बर्फ जमा हो चुकी है, जो स्कीइंग के लिए अनुकूल मानी जाती है।
- पर्यटकों की आमद: बर्फबारी की खबर मिलते ही जोशीमठ और औली के होटलों में बुकिंग तेजी से बढ़ने लगी है। दिल्ली, पंजाब और हरियाणा से भारी संख्या में पर्यटक औली पहुँच रहे हैं।
प्रतियोगिता की तैयारियां: शासन को भेजा गया प्रस्ताव
गढ़वाल मंडल विकास निगम (GMVN) और पर्यटन विभाग अब बिना समय गंवाए नेशनल स्कीइंग चैंपियनशिप का आयोजन कराना चाहता है।
- तिथि का निर्धारण: विभाग ने फरवरी के पहले या दूसरे सप्ताह में प्रतियोगिता कराने का सुझाव दिया है। शासन से हरी झंडी मिलते ही ‘फेडरेशन ऑफ इंटरनेशनल स्कीइंग’ (FIS) के मानकों के अनुरूप तैयारियां शुरू कर दी जाएंगी।
- स्लोप का निरीक्षण: तकनीकी विशेषज्ञों की एक टीम जल्द ही स्लोप का निरीक्षण करेगी ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि बर्फ की परत अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुसार पर्याप्त है या नहीं।
- आर्टिफिशियल स्नो: यदि तापमान गिरता है और प्राकृतिक बर्फ कम पड़ती है, तो विभाग ‘स्नो मेकिंग मशीनों’ का उपयोग करने के विकल्प पर भी विचार कर रहा है।
साहसिक खेलों के शौकीनों के लिए सुनहरा मौका
नेशनल चैंपियनशिप में देश भर के शीर्ष स्कीयर और स्नोबोर्डर हिस्सा लेंगे। इस आयोजन से उत्तराखंड की साहसिक पर्यटन (Adventure Tourism) क्षमता को वैश्विक स्तर पर पहचान मिलती है। स्थानीय प्रशासन ने पर्यटकों की सुरक्षा के लिए एसडीआरएफ (SDRF) और पुलिस की तैनाती बढ़ा दी है ताकि बर्फबारी के दौरान फिसलन भरी सड़कों पर किसी भी दुर्घटना को रोका जा सके।
जीएमवीएन और स्थानीय आर्थिकी को सहारा
पिछले कुछ समय से जोशीमठ में भू-धंसाव की खबरों के बाद पर्यटन पर जो असर पड़ा था, यह बर्फबारी उसे कम करने में संजीवनी का काम करेगी। स्थानीय गाइड, स्कीइंग इंस्ट्रक्टर और व्यापारियों को उम्मीद है कि नेशनल चैंपियनशिप के आयोजन से स्थानीय अर्थव्यवस्था को बड़ा बूस्ट मिलेगा।
“औली के स्लोप्स अब स्कीइंग के लिए पूरी तरह तैयार नजर आ रहे हैं। हमने शासन को अनुमति के लिए पत्र भेजा है। जैसे ही मंजूरी मिलती है, हम तिथि की घोषणा करेंगे। हमारा प्रयास है कि खिलाड़ियों को इस साल सर्वश्रेष्ठ स्कीइंग अनुभव मिले।” — अधिकारी, पर्यटन विभाग उत्तराखंड





