संसद के मानसून सत्र के पहले सप्ताह के हंगामे के बाद अब सोमवार से सदनों में गंभीर चर्चा की शुरुआत होने जा रही है। लोकसभा में आज और राज्यसभा में मंगलवार को सरकार और विपक्ष के बीच ऑपरेशन सिंदूर और पहलगाम आतंकी हमले पर बहस होगी। ये दोनों मुद्दे राष्ट्रीय सुरक्षा और विदेश नीति से सीधे जुड़े हैं, जिन पर गंभीर राजनीतिक टकराव की संभावना जताई जा रही है।
सरकार की ओर से दिग्गज मंत्री रखेंगे पक्ष
सूत्रों के अनुसार, चर्चा के दौरान सरकार की ओर से गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर सदन में सरकार का पक्ष रख सकते हैं। वहीं, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी इन मुद्दों पर संसद में बयान दे सकते हैं।
विपक्ष की रणनीति तैयार, राहुल और खरगे रहेंगे अगुआ
लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी, राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, सपा प्रमुख अखिलेश यादव सहित विपक्ष के अन्य वरिष्ठ नेता बहस में हिस्सा लेंगे। विदेश नीति और राष्ट्रीय सुरक्षा को लेकर विपक्ष सरकार को कठघरे में खड़ा करने की रणनीति बना चुका है।
थरूर की भूमिका पर भी सबकी निगाहें
लोकसभा में चर्चा के दौरान कांग्रेस सांसद शशि थरूर पर भी सबकी निगाहें रहेंगी। ऑपरेशन सिंदूर के बाद अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भारतीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व कर चुके थरूर को क्या पार्टी बोलने का अवसर देगी, यह एक बड़ा सवाल बना हुआ है।
अमेरिका की भूमिका को लेकर हो सकता है विवाद
पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के इस दावे को लेकर विपक्ष सरकार को घेर सकता है कि उन्होंने भारत-पाकिस्तान के बीच संभावित युद्ध को व्यापारिक दबाव डालकर रोका था। हालांकि भारत सरकार पहले ही इस दावे को खारिज कर चुकी है, लेकिन विपक्ष इसे संसद में बड़ा मुद्दा बना सकता है।
पहलगाम हमले में सुरक्षा चूक का भी उठेगा मुद्दा
विपक्ष का आरोप है कि पहलगाम आतंकी हमले में सरकार की खुफिया और सुरक्षा एजेंसियों की चूक सामने आई है। विपक्ष इस मुद्दे पर भी सरकार से जवाब मांगने के लिए तैयार है।





