नई दिल्ली। एशियन गेम्स 2026 के लिए भारतीय ड्रेसाज (घुड़सवारी) टीम के चयन को लेकर जारी विवाद अब सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया है। शीर्ष अदालत ने दिल्ली हाईकोर्ट के फैसले को चुनौती देने वाली दो खिलाड़ियों की याचिका पर जल्द सुनवाई करने पर सहमति जताई है। मामले की सुनवाई 9 जुलाई को होगी।
विवाद भारतीय घुड़सवारी महासंघ (ईएफआई) की ड्रेसाज टीम के चयन से जुड़ा है। याचिकाकर्ता खिलाड़ियों ने आरोप लगाया है कि चयन प्रक्रिया में निर्धारित नियमों और मानकों का पूरी तरह पालन नहीं किया गया तथा उन्हें अंतिम टीम से बाहर रखकर रिजर्व सूची में शामिल कर दिया गया।
इससे पहले दिल्ली हाईकोर्ट ने अपने फैसले में माना था कि चयन प्रक्रिया में कुछ प्रक्रियागत कमियां थीं, लेकिन एशियन गेम्स नजदीक होने और समय की कमी को देखते हुए उसने चयन सूची में हस्तक्षेप करने से इनकार कर दिया था। इसके बाद खिलाड़ियों ने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया।
सुप्रीम कोर्ट की अवकाशकालीन पीठ ने मामले की तात्कालिकता को देखते हुए याचिका पर शीघ्र सुनवाई की अनुमति दी। खिलाड़ियों का कहना है कि यदि चयन प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं की समय रहते समीक्षा नहीं हुई तो उन्हें अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में भारत का प्रतिनिधित्व करने का अवसर नहीं मिल सकेगा।
अब सभी की नजरें सुप्रीम कोर्ट की आगामी सुनवाई पर टिकी हैं, जहां यह तय होगा कि चयन प्रक्रिया में न्यायिक हस्तक्षेप की आवश्यकता है या नहीं। अदालत के फैसले का असर भारतीय ड्रेसाज टीम के अंतिम स्वरूप और एशियन गेम्स में खिलाड़ियों की भागीदारी पर पड़ सकता है।





