Monday, February 2, 2026

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एलन मस्क की पोस्ट पर रिजिजू का राहुल गांधी पर तीखा प्रहार: बोले— ‘दुनिया देख रही है भारत का दम; विदेशी मंचों पर देश को बदनाम करना बंद करें’

नई दिल्ली: दुनिया के सबसे अमीर व्यक्ति और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ (X) के मालिक एलन मस्क द्वारा भारतीय अर्थव्यवस्था और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व की सराहना करने वाली एक हालिया पोस्ट ने देश में नई राजनीतिक बहस छेड़ दी है। केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने मस्क की इस पोस्ट को साझा करते हुए विपक्ष के नेता राहुल गांधी पर जोरदार तंज कसा है। रिजिजू ने कहा कि जब दुनिया के बड़े दिग्गज भारत की प्रगति का लोहा मान रहे हैं, तब राहुल गांधी विदेशी दौरों पर जाकर भारत के लोकतंत्र और आर्थिक स्थिति को बदनाम करने की कोशिश करते हैं।

क्या है एलन मस्क की वह पोस्ट?

एलन मस्क ने हाल ही में भारत में हो रहे तकनीकी बदलावों और भविष्य की संभावनाओं को लेकर एक सकारात्मक टिप्पणी की थी:

  • भारत की क्षमता: मस्क ने अपनी पोस्ट में संकेत दिया था कि उनकी कंपनियां (जैसे टेस्ला और स्टारलिंक) भारत को एक बड़े और बढ़ते बाजार के रूप में देख रही हैं।
  • नेतृत्व की तारीफ: मस्क ने अप्रत्यक्ष रूप से भारत की व्यापार-अनुकूल नीतियों और ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ (Ease of Doing Business) में आए सुधारों की सराहना की थी।

किरेन रिजिजू का ‘एक्स’ पर पलटवार

मंत्री किरेन रिजिजू ने मस्क के बयान को आधार बनाकर राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कई बातें कहीं:

  1. देश की छवि का सवाल: रिजिजू ने लिखा कि एलन मस्क जैसे लोग भारत के उज्ज्वल भविष्य को देख पा रहे हैं, लेकिन हमारे अपने विपक्ष के नेता को देश में केवल कमियां नजर आती हैं।
  2. “भारत को बदनाम न करें”: उन्होंने राहुल गांधी को नसीहत देते हुए कहा कि राजनीतिक विरोध जायज है, लेकिन अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश की छवि को धूमिल करना “राष्ट्रहित” में नहीं है।
  3. युवाओं का मनोबल: रिजिजू के अनुसार, राहुल गांधी के नकारात्मक बयानों से देश के उभरते हुए उद्यमियों और युवाओं का मनोबल गिरता है, जबकि मस्क जैसे दिग्गजों की टिप्पणियां उत्साह बढ़ाती हैं।

बीजेपी बनाम कांग्रेस: सोशल मीडिया पर वार-पलटवार

रिजिजू के इस बयान के बाद सोशल मीडिया पर दोनों दलों के समर्थकों के बीच जंग छिड़ गई है:

  • बीजेपी का पक्ष: भाजपा नेताओं का कहना है कि मोदी सरकार की नीतियों के कारण ही आज टेस्ला जैसी कंपनियां भारत आने के लिए उत्सुक हैं।
  • कांग्रेस की प्रतिक्रिया: कांग्रेस समर्थकों और प्रवक्ताओं ने पलटवार करते हुए कहा कि सरकार को किसी विदेशी उद्योगपति के “प्रमाण पत्र” की जरूरत नहीं होनी चाहिए और उसे देश में बढ़ती बेरोजगारी और महंगाई जैसे बुनियादी मुद्दों पर ध्यान देना चाहिए।

राहुल गांधी के विदेशी दौरों पर विवाद

गौरतलब है कि राहुल गांधी अक्सर अपने विदेशी दौरों के दौरान भारत के संस्थानों, चुनावी निष्पक्षता और अल्पसंख्यकों की स्थिति पर सवाल उठाते रहे हैं। बीजेपी इन बयानों को ‘भारत विरोधी’ एजेंडा करार देती आई है। रिजिजू ने इसी संदर्भ में मस्क की पोस्ट का उदाहरण देते हुए यह दिखाने की कोशिश की है कि वैश्विक दृष्टिकोण राहुल गांधी के दावों के बिल्कुल विपरीत है।

“जब एलन मस्क जैसे विजनरी भारत की तारीफ करते हैं, तो यह हर भारतीय के लिए गर्व की बात होती है। लेकिन दुख की बात है कि राहुल गांधी जी को बाहर जाकर भारत की बुराई करने में ही आनंद आता है। उन्हें अब यह समझना चाहिए कि भारत बदल चुका है।” — किरेन रिजिजू, केंद्रीय मंत्री

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