नई दिल्ली/कोलकाता: पश्चिम बंगाल में होने वाले आगामी विधानसभा चुनाव के लिए सियासी पारा अपने चरम पर पहुँच गया है। इस चुनावी रण के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बंगाल की जनता के नाम एक ‘खुला पत्र’ जारी किया है। ‘एबार बीजेपी सरकार’ (इस बार भाजपा सरकार) के संकल्प के साथ लिखे गए इस पत्र में पीएम ने राज्य की वर्तमान स्थिति पर गहरी चिंता व्यक्त की है। पत्र में नागरिकता संशोधन अधिनियम (CAA) के क्रियान्वयन और राज्य में बढ़ती घुसपैठ जैसे संवेदनशील मुद्दों का प्रमुखता से जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री ने जनता से ‘सोनार बांग्ला’ के निर्माण के लिए एक मौका मांगा है।
पत्र के मुख्य अंश: “परिवर्तन की पुकार”
प्रधानमंत्री ने अपने पत्र की शुरुआत बंगाल की महान संस्कृति और क्रांतिकारियों को नमन करते हुए की है:
- CAA पर अटूट संकल्प: पीएम मोदी ने स्पष्ट रूप से कहा कि मतुआ और अन्य शरणार्थी समुदायों को उनका न्यायोचित अधिकार देने के लिए CAA एक प्रतिबद्धता है, जिसे कोई रोक नहीं सकता। उन्होंने आरोप लगाया कि वोट बैंक की राजनीति के चलते कुछ लोग डराने का काम कर रहे हैं।
- घुसपैठ पर प्रहार: प्रधानमंत्री ने घुसपैठ को राज्य की सुरक्षा और जनसांख्यिकी के लिए एक गंभीर खतरा बताया। उन्होंने लिखा कि सीमावर्ती क्षेत्रों में घुसपैठ के कारण बंगाल के मूल निवासियों के अधिकार छीने जा रहे हैं।
ममता सरकार पर तीखा हमला
प्रधानमंत्री ने अपने पत्र के माध्यम से राज्य की तृणमूल कांग्रेस (TMC) सरकार को कटघरे में खड़ा किया है:
- भ्रष्टाचार और सिंडिकेट: पीएम ने आरोप लगाया कि बंगाल में विकास का पैसा ‘सिंडिकेट’ और ‘कट मनी’ की भेंट चढ़ रहा है। केंद्र की योजनाओं (जैसे आयुष्मान भारत) को राज्य में लागू न होने देने पर उन्होंने दुख जताया।
- कानून-व्यवस्था: पत्र में हालिया वर्षों में हुई राजनीतिक हिंसा का जिक्र करते हुए कहा गया है कि बंगाल की माताएं और बहनें आज अपने ही घर में सुरक्षित महसूस नहीं कर रही हैं।
- युवाओं का पलायन: प्रधानमंत्री ने लिखा कि कभी देश का नेतृत्व करने वाला बंगाल आज उद्योगों की कमी के कारण अपने युवाओं को बाहर भेजने के लिए मजबूर है।
‘सोनार बांग्ला’ का विजन
पीएम मोदी ने पत्र में भाजपा के सत्ता में आने पर एक रोडमैप भी पेश किया है:
- डबल इंजन सरकार: उन्होंने जोर दिया कि जब दिल्ली और कोलकाता दोनों जगह एक ही विचार वाली सरकार होगी, तो बंगाल की प्रगति की रफ्तार दोगुनी हो जाएगी।
- सांस्कृतिक पुनरुद्धार: पीएम ने वादा किया कि भाजपा बंगाल की कला, साहित्य और भाषा को उसका खोया हुआ गौरव वापस दिलाएगी।
राजनीतिक गलियारों में हलचल
प्रधानमंत्री के इस पत्र ने राज्य की राजनीति में भूचाल ला दिया है। भाजपा इसे ‘परिवर्तन का घोषणापत्र’ बता रही है, जबकि टीएमसी ने इसे ‘चुनावी स्टंट’ करार देते हुए कहा है कि बंगाल की जनता बाहरी लोगों को स्वीकार नहीं करेगी।





