एफबीआई रिपोर्ट में साजिश के संकेत नहीं, ट्रंप बोले- “अब इस पर समय बर्बाद नहीं करना चाहिए”
वॉशिंगटन। जेफ्री एपस्टीन की रहस्यमयी मौत को लेकर एक बार फिर उन लोगों को निराशा हाथ लगी है, जो इस केस से बड़े खुलासों की उम्मीद लगाए बैठे थे। एफबीआई और अमेरिकी न्याय विभाग की ताज़ा संयुक्त रिपोर्ट में स्पष्ट किया गया है कि एपस्टीन की मौत के पीछे किसी भी साजिश या ब्लैकमेलिंग नेटवर्क के प्रमाण नहीं मिले हैं।
ट्रंप ने उठाया बॉन्डी के समर्थन में मोर्चा
रिपोर्ट के जारी होने के बाद राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया पर अटॉर्नी जनरल पाम बॉन्डी का बचाव करते हुए अपनी ही समर्थक टीम से सवाल किया है कि वे उनके खिलाफ क्यों खड़े हो रहे हैं। ट्रंप ने लिखा,
“बॉन्डी शानदार काम कर रही हैं। हम सब एक ही टीम का हिस्सा हैं — मेक अमेरिका ग्रेट अगेन। जो हो रहा है, वो मुझे पसंद नहीं।”
ट्रंप ने यह भी कहा कि एपस्टीन की अब किसी को परवाह नहीं और इस मामले में समय बर्बाद करना व्यर्थ है। उन्होंने जोर दिया कि ध्यान अब 2020 के ‘धांधली भरे’ चुनाव पर होना चाहिए।
रिपोर्ट से मिटी उम्मीदें
एफबीआई-जस्टिस डिपार्टमेंट रिपोर्ट में कहा गया कि:
- 300 गीगाबाइट से ज्यादा डेटा की जांच की गई।
- कोई क्लाइंट लिस्ट नहीं मिली।
- कोई ब्लैकमेलिंग या प्रभावशाली व्यक्ति की संलिप्तता का प्रमाण नहीं मिला।
- एपस्टीन की मौत आत्महत्या ही थी, हत्या नहीं।
ट्रंप की नाराजगी
ट्रंप ने कहा कि कुछ स्वार्थी लोग सरकार की छवि को नुकसान पहुंचा रहे हैं और वो भी ऐसे व्यक्ति के लिए “जिसकी अब किसी को परवाह नहीं।” उन्होंने कहा कि एफबीआई को अब एपस्टीन नहीं, बल्कि चुनाव धोखाधड़ी की जांच में लगना चाहिए।
मामला और विवाद
बता दें कि जेफ्री एपस्टीन 2019 में न्यूयॉर्क की जेल में बाल यौन तस्करी के आरोप में मुकदमे का सामना कर रहा था, जब उसकी जेल में मौत हो गई। तब से लेकर अब तक इस मामले को लेकर साजिश के कई सिद्धांत सामने आते रहे हैं — जिनमें हाई-प्रोफाइल लोगों के नाम और ब्लैकमेलिंग नेटवर्क की बातें शामिल रही हैं।
अब जब एफबीआई की रिपोर्ट ने इन तमाम आशंकाओं को खारिज कर दिया है, तो एपस्टीन केस से बड़े राजनीतिक या कानूनी खुलासों की उम्मीदें फिलहाल के लिए खत्म होती दिख रही हैं।





