भारत सरकार ने उभरती हुई अहम तकनीक तक आतंकवादियों की पहुंच रोकने की कोशिशें शुरू कर दी हैं। इसी उद्देश्य से भारत सरकार के एक प्रतिनिधिमंडल ने संयुक्त राष्ट्र में आतंकवाद रोधी कार्यालय के महासचिव व्लादिमीर वोरोनकोव और आतंकरोधी समिति निदेशालय की उप-सचिव नतालिया घरमन से मुलाकात की।
बैठक के दौरान दोनों पक्षों ने उभरती प्रौद्योगिकी तक आतंकियों की पहुंच रोकने के उपायों पर चर्चा की। साल 2022 में दिल्ली डिक्लेयरेशन में भी संयुक्त राष्ट्र की आतंकरोधी समिति ने इसे लेकर प्रस्ताव पारित किया था। बैठक के दौरान हुई चर्चा में इस प्रस्ताव के उपायों को भी शामिल किया गया। भारत ने आतंकियों की अनमैन्ड एयरक्राफ्ट सिस्टम तक पहुंच और आतंकी गतिविधियों को आधुनिक वित्तीय तकनीक के जरिए फंडिंग पर गहरी चिंता जाहिर की। साथ ही साइबरसिक्योरिटी, आतंकियों के यात्रा प्रतिबंध, आतंकवाद के पीड़ितों का समर्थन और आतंकी घटनाओं के लिए फंडिंग पर रोक जैसे उपायों पर बात हुई।





