देहरादून। उत्तराखंड में मानसून की विदाई का इंतज़ार लंबा खिंचता नज़र आ रहा है। मौसम विभाग के अनुसार 15 सितंबर से देश में दक्षिण–पश्चिम मानसून की विदाई शुरू हो सकती है, जिसकी शुरुआत राजस्थान के पश्चिमी हिस्सों से होगी। आमतौर पर राजस्थान से मानसून की वापसी के 15–20 दिन बाद उत्तराखंड से भी इसका प्रस्थान होता है। यानी राज्य को सितंबर के अंतिम सप्ताह से अक्टूबर के पहले सप्ताह तक मानसून से राहत मिल सकती है।
आज का अलर्ट:
मौसम विज्ञान केंद्र ने शनिवार के लिए कई जिलों में भारी वर्षा का ऑरेंज और यलो अलर्ट जारी किया है।
- ऑरेंज अलर्ट: देहरादून, टिहरी, पौड़ी, अल्मोड़ा, नैनीताल और बागेश्वर जिलों में भारी से बहुत भारी वर्षा, आकाशीय बिजली और गर्जन की आशंका।
- यलो अलर्ट: रुद्रप्रयाग, चमोली, चंपावत और पिथौरागढ़ में मध्यम से तीव्र वर्षा के साथ बिजली गिरने की संभावना।
पश्चिमी विक्षोभ से बढ़ी सक्रियता
प्रदेश में पश्चिमी विक्षोभ के असर से एक बार फिर मानसून ने अपनी सक्रियता बढ़ा दी है। शुक्रवार को दिनभर आसमान पर बादल छाए रहे और कहीं–कहीं झमाझम बारिश हुई। मैदान से लेकर पहाड़ तक मौसम का यही मिज़ाज बना हुआ है।
कब लौटेगा मानसून?
मौसम विभाग के अनुसार, राजस्थान से मानसून की विदाई शुरू होने के बाद औसतन तीन हफ्तों के भीतर उत्तराखंड से भी इसका समापन हो जाता है। इसका मतलब है कि इस बार राज्य से मानसून की विदाई सितंबर के आखिर या अक्टूबर के पहले सप्ताह तक संभव है।
जनता के लिए चेतावनी
विभाग ने पर्वतीय और मैदानी दोनों क्षेत्रों में लोगों को सतर्क रहने की अपील की है। भारी वर्षा की आशंका के चलते पहाड़ी जिलों में भूस्खलन और निचले इलाकों में जलभराव का खतरा बना हुआ है। प्रशासन ने भी अलर्ट जारी करते हुए संवेदनशील इलाकों में निगरानी बढ़ा दी है।





