देहरादून/नैनीताल: देवभूमि उत्तराखंड में सुरक्षा व्यवस्था को चुनौती देते हुए अज्ञात शरारती तत्वों ने एक ही दिन में राज्य की चार प्रमुख अदालतों को बम से उड़ाने की धमकी दी है। इस सनसनीखेज सूचना के बाद पुलिस प्रशासन और खुफिया एजेंसियों (IB और LIU) में हड़कंप मच गया है। जिन अदालतों को निशाना बनाने की बात कही गई है, उनमें नैनीताल हाई कोर्ट सहित तीन अन्य जिला अदालतें शामिल हैं। धमकी मिलने के तुरंत बाद सभी संबंधित परिसरों को खाली करा लिया गया और बम निरोधक दस्ते (BDDS) व डॉग स्क्वाड की मदद से सघन चेकिंग अभियान चलाया गया।
किन अदालतों को मिली धमकी?
धमकी भरे पत्र/कॉल के माध्यम से राज्य के इन महत्वपूर्ण न्यायिक परिसरों को अलर्ट पर रखा गया है:
- नैनीताल उच्च न्यायालय (High Court)
- देहरादून जिला अदालत
- हरिद्वार जिला न्यायालय
- ऊधमसिंह नगर (रुद्रपुर) जिला अदालत
इन चारों स्थानों पर सुरक्षा का घेरा कड़ा कर दिया गया है और आने-जाने वाले प्रत्येक व्यक्ति की गहन तलाशी ली जा रही है।
खुफिया एजेंसियों का एक्शन: ‘रेड अलर्ट’ पर प्रदेश
धमकी की गंभीरता को देखते हुए प्रदेश के पुलिस महानिदेशक (DGP) ने तत्काल प्रभाव से सुरक्षा बढ़ाने के निर्देश दिए हैं:
- सघन तलाशी अभियान: पुलिस की टीमों ने अदालतों के चप्पे-चप्पे, पार्किंग क्षेत्रों, कैंटीन और अधिवक्ताओं के चैंबर्स की बारीकी से जांच की। हालांकि, शुरुआती जांच में अभी तक कोई संदिग्ध वस्तु बरामद नहीं हुई है।
- साइबर सेल सक्रिय: धमकी किस माध्यम से दी गई, इसका पता लगाने के लिए साइबर सेल और एसटीएफ (STF) की टीमें सक्रिय हो गई हैं। संदिग्ध ईमेल एड्रेस और फोन नंबरों को ट्रेस किया जा रहा है।
- बॉर्डर पर चेकिंग: अंतरराज्यीय सीमाओं पर भी चेकिंग बढ़ा दी गई है ताकि किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर लगाम लगाई जा सके।
अधिवक्ताओं और वादकारियों में दहशत का माहौल
एक साथ चार अदालतों को धमकी मिलने से न्यायिक कार्यों पर भी असर पड़ा है:
- कार्य स्थगित: सुरक्षा जांच के चलते कई अदालतों में सुनवाई कुछ घंटों के लिए रोक दी गई, जिससे दूर-दराज से आए वादकारियों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
- प्रवेश वर्जित: अदालतों में केवल उन्हीं लोगों को प्रवेश दिया जा रहा है जिनके पास वैध पहचान पत्र या सुनवाई की तारीख का प्रमाण है। बिना काम के परिसर में घूमने वालों को बाहर कर दिया गया है।





