रुद्रपुर/देहरादून: उत्तराखंड पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स (STF) ने उत्तराखंड विद्यालयी शिक्षा परिषद (UBSE) की परीक्षाओं में सेंध लगाने वाले एक बड़े गिरोह का पर्दाफाश करते हुए मुख्य साजिशकर्ता चंगेज को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी चंगेज पर आरोप है कि वह मोटी रकम लेकर परीक्षार्थियों के फर्जी प्रवेश पत्र (Admit Cards) तैयार करता था और उनकी जगह ‘सॉल्वर’ (दूसरे व्यक्ति) बैठाकर परीक्षा दिलवाता था। इस गिरोह के तार राज्य के कई जिलों से जुड़े होने की आशंका है। एसटीएफ की इस कार्रवाई ने शिक्षा विभाग और बोर्ड प्रशासन में हड़कंप मचा दिया है।
कैसे काम करता था ‘चंगेज’ का गिरोह?
एसटीएफ की जांच में इस गिरोह के काम करने के शातिराना तरीके (Modus Operandi) का खुलासा हुआ है:
- एडमिट कार्ड में हेरफेर: गिरोह मूल परीक्षार्थी के एडमिट कार्ड पर फोटो बदलकर सॉल्वर की फोटो लगा देता था। एडिटिंग इतनी सफाई से की जाती थी कि केंद्र व्यवस्थापकों को पहली नजर में शक नहीं होता था।
- मोटी रकम की वसूली: बोर्ड परीक्षा पास कराने के नाम पर प्रति छात्र 50 हजार से लेकर 1 लाख रुपये तक वसूले जाते थे।
- सॉल्वर का नेटवर्क: चंगेज ने पढ़ाई में होनहार कुछ युवाओं और छात्रों का एक ग्रुप बनाया हुआ था, जिन्हें वह ‘सॉल्वर’ के रूप में इस्तेमाल करता था और उन्हें प्रत्येक परीक्षा के बदले कमीशन देता था।
एसटीएफ की छापेमारी और बरामदगी
कुमाऊं यूनिट की एसटीएफ टीम ने सटीक सूचना के आधार पर छापेमारी कर चंगेज को धर दबोचा। उसके पास से कई संदिग्ध दस्तावेज बरामद हुए हैं:
- फर्जी दस्तावेज: आरोपी के पास से कई छात्र-छात्राओं के ओरिजिनल और एडिट किए हुए प्रवेश पत्र, मार्कशीट और पहचान पत्र मिले हैं।
- डिजिटल उपकरण: पुलिस ने आरोपी का लैपटॉप और मोबाइल फोन जब्त कर लिया है, जिसमें फर्जी प्रवेश पत्र बनाने के सॉफ्टवेयर और कई छात्रों के डेटा मौजूद हैं।
- गैंग के अन्य सदस्य: पूछताछ में चंगेज ने गिरोह में शामिल कुछ अन्य सहयोगियों और बिचौलियों के नाम भी उगले हैं, जिनकी तलाश में पुलिस दबिश दे रही है।
बोर्ड प्रशासन और शिक्षा विभाग अलर्ट
इस फर्जीवाड़े के सामने आने के बाद उत्तराखंड बोर्ड ने सभी परीक्षा केंद्रों को अलर्ट जारी कर दिया है:
- सघन चेकिंग के निर्देश: अब परीक्षा केंद्रों पर प्रवेश के समय परीक्षार्थियों के आधार कार्ड और मूल दस्तावेजों का मिलान अनिवार्य कर दिया गया है।
- मार्कशीट की जांच: पिछले कुछ वर्षों में चंगेज के माध्यम से परीक्षा पास करने वाले छात्रों की मार्कशीट और रिकॉर्ड की भी दोबारा जांच की जा सकती है।





