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उत्तराखंड बनेगा वैश्विक योग हब: सीएम धामी ने की 5 नए ‘योग धाम’ बनाने की घोषणा; आयुष और योग वेलनेस सेंटरों का होगा विस्तार

ऋषिकेश (14 मार्च, 2026): मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने देवभूमि उत्तराखंड को विश्व की योग राजधानी के रूप में और अधिक मजबूती से स्थापित करने के लिए एक बड़ी योजना का अनावरण किया है। ऋषिकेश के परमार्थ निकेतन में आयोजित 38वें अंतरराष्ट्रीय योग महोत्सव के समापन समारोह में शिरकत करते हुए मुख्यमंत्री ने राज्य में पांच नए ‘योग धाम’ विकसित करने का महत्वपूर्ण ऐलान किया। सरकार का यह कदम राज्य में योग और आध्यात्मिक पर्यटन (Spiritual Tourism) को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के संकल्प का हिस्सा है।

योग धाम और वेलनेस सेंटरों का जाल

मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में स्पष्ट किया कि राज्य सरकार केवल बुनियादी ढांचे पर ही नहीं, बल्कि स्वास्थ्य और आध्यात्मिकता के समन्वय पर भी ध्यान दे रही है:

  • पांच नए योग धाम: राज्य के विभिन्न शांत और प्राकृतिक स्थलों पर पांच नए योग धामों की स्थापना की जाएगी। ये धाम न केवल योग साधकों के लिए प्रशिक्षण केंद्र होंगे, बल्कि यहाँ आने वाले पर्यटकों को उत्तराखंड की आध्यात्मिक विरासत से भी रूबरू कराएंगे।
  • आयुष और योग वेलनेस सेंटर: मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि प्रदेश के कोने-कोने में आयुष वेलनेस और योग वेलनेस सेंटर स्थापित किए जाएंगे। इन केंद्रों का उद्देश्य स्थानीय निवासियों और पर्यटकों को समग्र स्वास्थ्य (Holistic Health) सेवाएं प्रदान करना है।
  • रोजगार के अवसर: इन धामों और सेंटरों के विकसित होने से स्थानीय युवाओं को योग प्रशिक्षक, थेरेपिस्ट और प्रबंधन जैसे क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर रोजगार मिलने की उम्मीद है।

अंतरराष्ट्रीय योग महोत्सव: वैश्विक पहचान का मंच

परमार्थ निकेतन में आयोजित इस 38वें महोत्सव ने दुनिया भर के योग प्रेमियों को आकर्षित किया:

  1. विदेशी मेहमानों की भागीदारी: महोत्सव में कई देशों के साधकों ने हिस्सा लिया। सीएम धामी ने कहा कि योग भारत की वह अमूल्य धरोहर है, जिसने पूरी दुनिया को ‘वसुधैव कुटुंबकम’ के सूत्र में पिरोया है।
  2. ऋषिकेश का महत्व: मुख्यमंत्री ने ऋषिकेश को योग की वैश्विक आत्मा बताया और कहा कि यहाँ की आबोहवा में ही शांति और ध्यान रचा-बसा है।
  3. स्वास्थ्य और शांति का संदेश: उन्होंने जोर दिया कि आज की तनावपूर्ण जीवनशैली में योग ही एकमात्र ऐसा साधन है जो मानसिक और शारीरिक संतुलन बनाए रखने में सक्षम है।

आध्यात्मिक पर्यटन: उत्तराखंड की नई आर्थिकी

सरकार का मानना है कि ‘योग धाम’ प्रोजेक्ट से राज्य की आर्थिकी (Economy) को बड़ा सहारा मिलेगा:

  • सालों भर पर्यटन: चारधाम यात्रा के साथ-साथ योग और आध्यात्मिक पर्यटन के बढ़ने से उत्तराखंड में अब सालों भर पर्यटकों की आवाजाही बनी रहेगी।
  • कनेक्टिविटी का लाभ: ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल लाइन और बेहतर होते हाईवे नेटवर्क से इन नए योग धामों तक पहुंचना पर्यटकों के लिए बेहद आसान हो जाएगा।

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