देहरादून। उत्तराखंड में आगामी विधानसभा चुनाव की तैयारियों के तहत निर्वाचन विभाग ने मतदाताओं को ईवीएम और वीवीपैट की कार्यप्रणाली से परिचित कराने के लिए विशेष जागरूकता अभियान शुरू करने की तैयारी की है। यह अभियान 16 नवंबर से प्रदेश की सभी 70 विधानसभा सीटों पर चलाया जाएगा। इसके तहत जिला मुख्यालयों से लेकर दूरस्थ गांवों और कस्बों तक मोबाइल डिमॉन्स्ट्रेशन वैन के माध्यम से मतदाताओं को मतदान प्रक्रिया की जानकारी दी जाएगी।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय ने इस संबंध में सभी 13 जिलों को दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं। 16 नवंबर से जिला निर्वाचन कार्यालयों में ईवीएम डिमॉन्स्ट्रेशन सेंटर (ईडीसी) भी शुरू किए जाएंगे। इसके अलावा 16 नवंबर से 15 दिसंबर तक मोबाइल डिमॉन्स्ट्रेशन वैन (एमडीवी) के जरिए सभी विधानसभा क्षेत्रों में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित होंगे।
12,543 पोलिंग स्टेशनों के लिए मशीनें तैयार
निर्वाचन विभाग के आंकड़ों के अनुसार, प्रदेश के 13 जिलों में कुल 12,543 पोलिंग स्टेशन हैं। इनके लिए 27,700 बैलेट यूनिट, 36,553 कंट्रोल यूनिट और 25,697 वीवीपैट मशीनें उपलब्ध हैं। अभियान के दौरान मतदाताओं को मशीनों के इस्तेमाल और मतदान की पूरी प्रक्रिया का व्यावहारिक प्रदर्शन भी किया जाएगा।
1.90 लाख से अधिक कर्मचारी उपलब्ध
चुनाव कराने के लिए निर्वाचन विभाग को लगभग 1,08,400 कर्मचारियों की आवश्यकता होगी। इसके मुकाबले राज्य और केंद्र सरकार तथा सार्वजनिक उपक्रमों में 1.90 लाख से अधिक कर्मचारी उपलब्ध हैं। मतदान दलों और केंद्रीय अर्धसैनिक बलों के आवागमन के लिए 3,319 बसों, 310 ट्रकों और 9,669 हल्के वाहनों की व्यवस्था का आकलन भी पूरा कर लिया गया है।
चुनाव आयोग की टीम करेगी तैयारियों की समीक्षा
पिछले महीने चुनाव आयोग की टीम के उत्तराखंड दौरे के बाद नवंबर में भी एक और टीम प्रदेश का दौरा कर सकती है। सहायक मुख्य निर्वाचन अधिकारी मस्तू दास के अनुसार, दौरे की तारीख अभी तय नहीं हुई है। टीम जिलों में चुनावी तैयारियों की समीक्षा करने के साथ मतदान केंद्रों पर उपलब्ध व्यवस्थाओं का भी निरीक्षण करेगी।
निर्वाचन विभाग का उद्देश्य चुनाव से पहले मतदाताओं को जागरूक करना और मतदान प्रक्रिया के प्रति उनका विश्वास मजबूत करना है।





