नई दिल्ली/लखनऊ: उत्तर भारत के मैदानी इलाके इन दिनों भीषण ‘कोल्ड अटैक’ की चपेट में हैं। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली, उत्तर प्रदेश, हरियाणा और पंजाब समेत पूरे उत्तर भारत में कड़ाके की ठंड और शीतलहर (Cold Wave) ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। पहाड़ों पर हो रही निरंतर बर्फबारी के कारण मैदानी इलाकों में बर्फीली हवाएं चल रही हैं, जिससे न्यूनतम तापमान में भारी गिरावट दर्ज की गई है। मौसम विभाग (IMD) ने आगामी 48 घंटों के लिए कई राज्यों में ‘ऑरेंज अलर्ट’ जारी करते हुए लोगों को अनावश्यक रूप से बाहर न निकलने की सलाह दी है।
दिल्ली-एनसीआर: ‘कोल्ड डे’ की स्थिति और घने कोहरे की मार
दिल्ली और आसपास के इलाकों में ठंड ने पिछले कई वर्षों के रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं:
- तापमान में गिरावट: दिल्ली के सफदरजंग मौसम केंद्र ने न्यूनतम तापमान 3.5°C से 4°C के बीच दर्ज किया है, जो सामान्य से काफी कम है।
- शून्य दृश्यता (Zero Visibility): सुबह के समय घने कोहरे के कारण सड़कों पर दृश्यता 50 मीटर से भी कम रह गई है। इसका सीधा असर यातायात पर पड़ा है; दिल्ली आने-जाने वाली 20 से अधिक ट्रेनें देरी से चल रही हैं और कई उड़ानों (Flights) के समय में बदलाव करना पड़ा है।
उत्तर प्रदेश: शीतलहर से ठिठुरा प्रदेश, स्कूल बंद
यूपी के कई जिलों में हाड़ कंपाने वाली ठंड का प्रकोप जारी है:
- लखनऊ और कानपुर सबसे ठंडे: लखनऊ और कानपुर जैसे बड़े शहरों में बर्फीली हवाओं के चलते दिन का तापमान सामान्य से 5 से 8 डिग्री नीचे गिर गया है। प्रशासन ने स्थिति को देखते हुए कक्षा 8 तक के सभी स्कूलों को फिलहाल बंद करने या समय बदलने के निर्देश दिए हैं।
- प्रशासनिक मदद: जगह-जगह चौराहों पर प्रशासन द्वारा अलाव की व्यवस्था की गई है और रैन बसेरों में विस्थापितों के लिए कंबल व भोजन का प्रबंध किया जा रहा है।
- कृषि पर प्रभाव: कृषि विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि पाला (Frost) पड़ने से पाले के प्रति संवेदनशील फसलों, जैसे आलू और सरसों को नुकसान हो सकता है।
पहाड़ों का हाल: बर्फबारी ने बढ़ाई मुश्किलें
हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर के ऊंचाई वाले इलाकों में भारी हिमपात (Snowfall) जारी है:
- रास्ते बंद: केदारनाथ, बद्रीनाथ और शिमला के ऊपरी क्षेत्रों में बर्फ की मोटी चादर जमने से कई संपर्क मार्ग बंद हो गए हैं।
- मैदानी इलाकों में ठंड का कारण: पहाड़ों से आने वाली शुष्क और बर्फीली हवाएं मैदानी इलाकों में नमी को सोख रही हैं, जिससे ‘ड्राय कोल्ड’ (Dry Cold) की स्थिति बनी हुई है और कंपकंपी अधिक महसूस हो रही है।
स्वास्थ्य विभाग की चेतावनी
भीषण ठंड को देखते हुए डॉक्टरों ने हृदय रोगियों और बुजुर्गों को विशेष सावधानी बरतने को कहा है। अत्यधिक ठंड के कारण ब्लड प्रेशर बढ़ने और सांस लेने में तकलीफ की शिकायतें बढ़ रही हैं।
“अगले तीन दिनों तक शीतलहर की स्थिति गंभीर बनी रहेगी। पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) के सक्रिय होने के बाद ही तापमान में कुछ मामूली बढ़ोतरी की उम्मीद की जा सकती है।” — मौसम विभाग केंद्र, दिल्ली





