नई दिल्ली (19 मार्च, 2026): राजधानी के उत्तम नगर इलाके में सांप्रदायिक सौहार्द बनाए रखने और संभावित हिंसा को रोकने के लिए दिल्ली हाई कोर्ट ने कड़ा रुख अपनाया है। अदालत ने दिल्ली सरकार और दिल्ली पुलिस को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि रामनवमी और ईद के त्योहारों के दौरान इलाके में सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद रखी जाए। कोर्ट ने यह निर्देश ईद के दौरान हिंसा की आशंका वाली एक याचिका पर सुनवाई करते हुए दिए हैं। अदालत ने दिल्ली पुलिस और सरकार से इस मामले में विस्तृत जवाब भी तलब किया है।
हाई कोर्ट ने याचिका पर लिया संज्ञान: सार्वजनिक जीवन की सुरक्षा सर्वोपरि
अदालत ने याचिका में उठाई गई उन चिंताओं को रिकॉर्ड पर लिया है जिनमें कानून-व्यवस्था बिगड़ने की संभावना जताई गई थी:
- व्यवधान की आशंका: याचिका में तर्क दिया गया था कि ईद के दिन कुछ असामाजिक तत्वों द्वारा सार्वजनिक जीवन में व्यवधान उत्पन्न किया जा सकता है।
- होली की घटना का असर: अदालत ने माना कि यह आशंका 4 मार्च को होली के दिन उत्तम नगर में हुई एक युवक की हत्या के बाद उपजे तनावपूर्ण माहौल के कारण पैदा हुई है।
तनावपूर्ण स्थिति और अदालत की टिप्पणी
अदालत ने सुनवाई के दौरान शांति व्यवस्था बनाए रखने की आवश्यकता पर बल दिया:
- व्यापक प्रतिक्रिया: जस्टिस ने कहा कि युवक की मृत्यु के बाद विभिन्न समुदायों के लोगों में तीखी प्रतिक्रिया देखने को मिली है, जिससे सामाजिक ताना-बाना प्रभावित हुआ है।
- हिंसा से बचाव अनिवार्य: अदालत ने चेतावनी दी कि समाज के कुछ वर्ग भावनात्मक उबाल में आकर ईद के अवसर पर हिंसा का सहारा ले सकते हैं। ऐसी किसी भी स्थिति से बचना और नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना प्रशासन की प्राथमिकता होनी चाहिए।
सुरक्षा के कड़े इंतजाम: छावनी में तब्दील हुआ उत्तम नगर
सुनवाई के दौरान दिल्ली पुलिस ने कोर्ट को सुरक्षा व्यवस्था के बारे में विस्तृत जानकारी दी:
- CAPF की तैनाती: पुलिस ने बताया कि संवेदनशील इलाकों में अर्धसैनिक बलों (CAPF) और दिल्ली पुलिस की भारी नफरी लगाई गई है।
- 400 पुलिसकर्मी तैनात: कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए कुल 4 कंपनियों में 400 से अधिक पुलिसकर्मियों को चौबीसों घंटे ड्यूटी पर तैनात किया गया है।
- गश्त और निगरानी: संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखने के लिए ड्रोन और सीसीटीवी कैमरों की मदद ली जा रही है।





