जापान की राजधानी टोक्यो में सोमवार को क्वाड समूह के विदेश मंत्रियों की बैठक हुई। बैठक के बाद एक संयुक्त बयान जारी किया गया, जिसमें बैलिस्टिक मिसाइल तकनीक का उपयोग करने और संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्तावों (यूएनएससीआर) के उल्लंघन के लिए उत्तर कोरिया की आलोचना की गई। बयान में उत्तर कोरिया से यूएनएससीआर का पालन करने का आग्रह किया गया। बता दें कि उत्तर कोरिया पर हाल ही में आरोप लगा है कि उसके हैकर्स दुनियाभर की सरकारी और निजी कंपनियों से परमाणु और सैन्य गोपनीय जानकारियों को चुराने का प्रयास कर रहे हैं। क्वाड समूह के विदेश मंत्रियों की बैठक के दौरान उत्तर कोरिया द्वारा साइबर गतिविधि के उपयोग पर चिंता व्यक्त की गई। क्वाड विदेश मंत्रियों ने संयुक्त बयान में कहा, हम उत्तर कोरिया द्वारा अपने अवैध सामूहिक विनाश के हथियारों और बैलिस्टिक मिसाइल कार्यक्रमों को वित्तपोषित करने के लिए प्रसार संबंधों, दुर्भावनापूर्ण साइबर गतिविधि और विदेशों में कामगारों के उपयोग पर अपनी गंभीर चिंता व्यक्त करते हैं। हम यूएनएससीआर के अनुरूप कोरियाई प्रायद्वीप के पूर्ण परमाणु निरस्त्रीकरण के लिए अपनी प्रतिबद्धता की पुष्टि करते हैं और उत्तर कोरिया से यूएनएससीआर के तहत अपने सभी दायित्वों का पालन करने और ठोस बातचीत में शामिल होने का आग्रह करते हैं। क्वाड देशों ने रूस-यूक्रेन युद्ध पर भी अपनी चिंता व्यक्त की और अंतरराष्ट्रीय कानून के अनुरूप शांति की आवश्यता पर जोर दिया। संयुक्त बयान में कहा, हम यूक्रेन में चल रहे युद्ध पर अपनी गहरी चिंता व्यक्त करते हैं, जिसमें युद्ध के भयानक और दुखद मानवीय परिणाम शामिल हैं। हम अंतरराष्ट्रीय कानून के अनुरूप एक व्यापक, न्यायसंगत और स्थायी शांति की आवश्यता को दोहराते हैं, जो संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता के सम्मान सहित यूएन चार्टर के उद्देश्यों और सिद्धातों के अनुरूप है। क्वाड मीटिंग में विदेश मंत्रियों ने सीमा पार आतंकवाद की भी निंदा की और आतंकवादी संगठनों द्वारा ड्रोन और सुरंगों के इस्तेमाल पर अपनी अस्वीकृति व्यक्त की। जिसके बाद एक संयुक्त बयान में कहा, हम सीमा पार आतंकवाद सहित सभी रूपों और अभिव्यक्तियों में आतंकवाद और हिंसक उग्रवाद की स्पष्ट रूप से निंदा करते हैं। हम आतंकवादियों और आतंकवादी संगठनों द्वारा मानव रहित हवाई वाहनों (यूएवी), ड्रोन, सुरंगों, सूचना और संचार प्रौद्योगिकियों के उपयोग की निंदा करते हैं। हम 26/11 मुंबई और पठानकोट हमलों सहित आतंकवादी हमलों की निंदा को दृढ़ता से दोहराते हैं। विदेश मंत्रियों ने सभी देशों से आग्रह किया कि वे अपने नियंत्रण वाले क्षेत्र को आतंकवादी उद्देश्यों के लिए इस्तेमाल होने से रोकने के लिए तत्काल, निरंतर और अपरिवर्तनीय कार्रवाई करें।





